Himachal News: हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने उनके मासिक मानदेय को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। सभी विजेताओं को पहली आधिकारिक बैठक से ही वेतन मिलना शुरू हो जाएगा।
नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को सबसे पहले पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। शपथ ग्रहण समारोह पूरा होने के बाद आयोजित होने वाली पहली आधिकारिक बैठक से ही उनका मासिक वेतन लागू होगा। इसके लिए विभाग ने बजट का पूरा खाका तैयार कर लिया है।
जिला परिषद और पंचायत समिति का नया मासिक मानदेय
सरकार ने जिला परिषद अध्यक्ष का मानदेय बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह कर दिया है। इसी तरह उपाध्यक्ष को 19 हजार रुपये मिलेंगे। वहीं जिला परिषद के प्रत्येक निर्वाचित सदस्य को हर महीने 8500 रुपये की निश्चित राशि दी जाएगी।
पंचायत समिति स्तर पर भी वित्तीय ढांचे को मजबूत किया गया है। यहां ब्लॉक समिति अध्यक्ष को अब प्रति माह 12 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही उपाध्यक्ष को नौ हजार रुपये मिलेंगे, जबकि समिति सदस्यों के लिए 7,500 रुपये तय किए गए हैं।
ग्राम पंचायत स्तर पर सीधे जनता द्वारा चुने गए प्रधान को अब हर महीने 7,500 रुपये दिए जाएंगे। वहीं उपप्रधान को 5,100 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। ग्राम पंचायत के सामान्य वार्ड सदस्यों को हर बैठक के लिए 1,050 रुपये भत्ता मिलेगा।
चार नगर निगमों के चुनाव परिणाम अधिसूचित, पार्षदों की सूची जारी
दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने चार प्रमुख नगर निगमों के आम चुनाव के अंतिम नतीजों की घोषणा कर दी है। आयोग ने धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन के कुल 63 वार्डों से जीते पार्षदों के नाम और पते की लिस्ट जारी की है।
मंडी नगर निगम के एक वार्ड में सभी उम्मीदवारों द्वारा नामांकन वापस लेने से वहां मतदान नहीं हुआ। इसलिए आयोग ने वहां 15 में से 14 पार्षदों की ही लिस्ट जारी की है। इस घोषणा के बाद अब नए मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए लॉबिंग तेज हो गई है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि सभी 63 वार्डों में पूरी मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और उपायुक्तों से मिली विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर ही पार्षदों की इस आधिकारिक सूची को सार्वजनिक किया गया है।
Author: Sunita Gupta


