‘क्या देश का सोना बेचा जा रहा है?’ ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट साझा कर केजरीवाल ने केंद्र को घेरा

Delhi News: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश के स्वर्ण भंडार को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। ब्लूमबर्ग की एक ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए केजरीवाल ने सरकार से पूछा है कि क्या वाकई देश का सोना बेचा जा रहा है और यदि ऐसा है तो इसके पीछे क्या बड़ी वजह है।

अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस संबंध में एक पोस्ट साझा की। उन्होंने कहा कि अगर यह खबर सच है कि देश के सोने का एक हिस्सा बेचा जा चुका है, तो यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस संवेदनशील मुद्दे पर तुरंत स्थिति साफ करने की मांग की है।

देश की आर्थिक स्थिति पर उठाए गंभीर सवाल

आप प्रमुख ने अपने आधिकारिक बयान में लिखा कि यदि देश के पास सुरक्षित रखा सोना बेचना पड़ रहा है, तो इसका साफ मतलब है कि देश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश के मौजूदा आर्थिक हालातों को लेकर आम जनता से जरूरी सच्चाइयों को लगातार छिपा रही है।

केजरीवाल ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें देश की वास्तविक परिस्थितियों पर खुद सामने आकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को यहीं रहना है, इसलिए उन्हें देश की आर्थिक सेहत के बारे में पूरी और सही जानकारी मिलने का हक है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में हुआ है बड़ा दावा

दरअसल अरविंद केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के साथ ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स की एक नई रिपोर्ट साझा की है। इस वैश्विक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान युद्ध के चलते पैदा हुए संकट के कारण भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों को सुरक्षित करने के लिए स्वर्ण भंडार का कुछ हिस्सा कम किया है।

रिपोर्ट के अनुसार कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों और रुपये की गिरावट को रोकने के लिए केंद्रीय बैंक को लिक्विडिटी यानी डॉलर की सख्त जरूरत थी। इसी वजह से 22 मई को समाप्त हुए दो हफ्तों के दौरान रिजर्व बैंक द्वारा करीब 12 बिलियन डॉलर का सोना बेचे जाने का अनुमान लगाया गया है।

विपक्ष हुआ हमलावर, सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

ब्लूमबर्ग की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान युद्ध और स्ट्रैट ऑफ होर्मुज के बंद होने से भारत पर चौतरफा आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या केंद्र सरकार की ओर से कोई भी आधिकारिक पुष्टि या खंडन नहीं किया गया है।

अरविंद केजरीवाल के इस बड़े बयान के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। पूरा विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर सरकार से संसद से सड़क तक स्पष्टीकरण मांग रहा है। वहीं सत्ता पक्ष और वित्त मंत्रालय की ओर से अभी तक इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Author: Gaurav Malhotra

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