Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में मरीन ड्राइव के पास बन रहा ‘वेस्ट टू वंडर’ थीम पार्क जल्द ही शहर का सबसे बड़ा आकर्षण केंद्र बनने जा रहा है। करीब नौ एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस अनूठे पार्क को 15 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है।
इस आधुनिक पार्क का निर्माण देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद के समाधि स्थल और मरीन ड्राइव के बीच तेजी से चल रहा है। इस पार्क की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां आने वाले पर्यटकों को पूरे बिहार के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति की झलक एक ही परिसर में मिल जाएगी।
स्क्रैप और कबाड़ से किया जा रहा स्मारकों का निर्माण
बुडको (BUDCO) की देखरेख में बन रहे इस पार्क की सभी कलाकृतियों को बेकार पड़े स्क्रैप और कबाड़ के माध्यम से नया रूप दिया जा रहा है। पार्क के भीतर कुल 38 तरह की अद्भुत कलाकृतियां बनाई जा रही हैं, जो पर्यावरण संरक्षण का बेहतरीन संदेश देती नजर आएंगी।
गुजरात से आए देश के प्रसिद्ध शिल्पकार जनक पांचाल और उनकी आठ सदस्यीय विशेष टीम इन कलाकृतियों को अंतिम रूप दे रही है। मुख्य शिल्पकार के अनुसार, परियोजना के तहत बनाई जा रही कलाकृतियों का करीब 80 से 90 प्रतिशत काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
एक ही जगह दिखेंगे बिहार के 13 ऐतिहासिक धरोहर
थीम पार्क के अंदर बिहार की पहचान से जुड़े 13 सबसे प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों की हूबहू प्रतिकृतियां बनाई गई हैं। इनमें प्रसिद्ध विक्रमशिला विश्वविद्यालय, गया का महाबोधि मंदिर, शेरशाह सूरी का मकबरा, वैशाली गणराज्य स्तंभ, थावे माता मंदिर और मुंडेश्वरी मंदिर जैसी प्रसिद्ध धरोहरें शामिल हैं।
इन प्राचीन धरोहरों के साथ-साथ पार्क में राज्य के प्रमुख वन्यजीवों की भी बेहद आकर्षक आकृतियां कबाड़ से तैयार की जा रही हैं। इनमें बिहार का राजकीय जलीय जीव गंगा डॉल्फिन, राज्य पक्षी नीलकंठ और राज्य पशु गौर (भारतीय बाइसन) की कलाकृतियां पूरी तरह तैयार हो चुकी हैं।
बिहार की महान विभूतियों को मिला विशेष सम्मान
वन्यजीवों की श्रेणी में तेंदुआ, चित्तीदार हिरण, बंगाल टाइगर और स्लाथ भालू की आकृतियों का 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इस महत्वाकांक्षी पार्क को पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य सितंबर 2026 निर्धारित किया गया है, जिसके बाद इसे जनता के लिए खोला जाएगा।
इसके अलावा पार्क में बिहार की 14 महान विभूतियों की प्रतिमाओं और चंपारण सत्याग्रह की जीवंत झांकी को भी विशेष स्थान दिया गया है। इनमें सम्राट अशोक, चाणक्य, आर्यभट्ट, वीर कुंवर सिंह, रामधारी सिंह दिनकर, दशरथ मांझी और जयप्रकाश नारायण जैसी महान हस्तियों की मूर्तियां शामिल हैं।
पार्क में ज्यादातर मूर्तियां बनकर तैयार हैं, लेकिन सिविल कंस्ट्रक्शन के काम में थोड़ी देरी की वजह से इन्हें अभी स्थापित नहीं किया गया है। निर्माण कार्य पूरा होते ही सभी प्रतिमाएं अपनी तय जगह पर लगा दी जाएंगी, जो नई पीढ़ी को बिहार के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराएंगी।
Author: Amit Yadav


