भीषण गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा रखेंगे ये 4 योगासन और प्राणायाम, डॉक्टर भी मानते हैं इसे बेस्ट समर टॉनिक

Spiritual News: भीषण गर्मी और सूरज की प्रचंड तपिश के कारण इन दिनों हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याएं लोगों को सबसे अधिक प्रभावित कर रही हैं। ऐसे बढ़ते तापमान में अपने शरीर को अंदर से कूल और हेल्दी रखना बेहद जरूरी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस बदलते और चुनौतीपूर्ण मौसम में योग आपकी सबसे बड़ी मदद कर सकता है। कुछ खास योगासन और प्राणायाम आपके शरीर को तुरंत प्राकृतिक ठंडक पहुंचाने का काम करते हैं। आइए जानते हैं उन आसनों के बारे में जो आपको भीषण गर्मी में भी राहत देंगे।

1. शीतली प्राणायाम: शरीर को तुरंत देगा ठंडक

शीतली प्राणायाम गर्मी के इस मौसम में शरीर के तापमान को तुरंत कम करने के लिए सबसे प्रभावी योग माना जाता है। यह सांसों से संबंधित एक बेहद सरल क्रिया है। इसमें अपनी जीभ को एक नली या पाइप की तरह गोल मोड़कर मुंह से धीरे-धीरे गहरी सांस अंदर खींची जाती है।

इसके बाद मुंह बंद करके सांस को नाक के जरिए बाहर छोड़ा जाता है। यह अनूठी प्रक्रिया शरीर के अंदर की अत्यधिक गर्मी को शांत करती है और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखती है। इसके नियमित अभ्यास से गर्मी में होने वाला चिड़चिड़ापन, थकान और बेचैनी पूरी तरह दूर होती है।

2. शीतकारी प्राणायाम: तनाव और गुस्से पर पाएगा काबू

उमस और भीषण गर्मी से भरे इस मौसम में शीतकारी प्राणायाम का अभ्यास शरीर के लिए बहुत ही लाभकारी साबित होता है। इस प्राणायाम को करने के लिए दांतों को आपस में हल्का सटाकर और होंठों को खोलकर जीभ के पीछे से ठंडी हवा को बलपूर्वक अंदर खींचा जाता है।

इससे अंदर जाने वाली हवा पूरी तरह ठंडी होकर हमारे सिस्टम को रिलैक्स करती है। यह शरीर के ऊंचे तापमान को नियंत्रित करने के साथ-साथ मानसिक तनाव, थकान और गुस्से को भी काबू में करता है। इसके नियमित अभ्यास से रात में नींद की क्वालिटी में भी बड़ा सुधार आता है।

3. बाल आसन: पाचन तंत्र को रखेगा दुरुस्त

गर्मियों के दिनों में अक्सर लोगों का पाचन तंत्र बिगड़ जाता है और पेट की समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में बाल आसन का नियमित अभ्यास इस समस्या से पूरी तरह छुटकारा दिला सकता है। इसे करने के लिए सबसे पहले घुटनों के बल बैठकर एड़ियों पर अपनी पोजीशन बनाएं।

अब सांस को बाहर की ओर छोड़ते हुए आगे झुकें और अपने माथे को योग मैट पर टिका दें। इस स्थिति में हाथों को आगे की ओर पूरी तरह से फैलाकर रखें। बाल आसन से नर्वस सिस्टम पूरी तरह रिलैक्स होता है, जिससे ब्लड प्रेशर कम होता है और मन शांत रहता है।

4. मत्स्य आसन: फेफड़ों और श्वसन तंत्र के लिए वरदान

इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल सीधे लेट जाएं और अपने दोनों पैरों को बिल्कुल सीधा रखें। इसके बाद अपनी हथेलियों को हिप्स के नीचे दबाएं और कोहनियों को जमीन पर मोड़ते हुए छाती को ऊपर उठाएं और सिर को पीछे की ओर झुका लें।

इस स्थिति में शरीर का आकार एक मछली की तरह बनता है। इस आसन में कम से कम 30 सेकंड से 1 मिनट तक रुकें और फिर धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं। इससे फेफड़े, श्वसन तंत्र और थायरॉइड को बैलेंस करने में मदद मिलती है। साथ ही मानसिक तनाव दूर होकर गहरी नींद आती है।

Author: Pandit Balkrishan Sharma

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