Mumbai News: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी भीषण जंग का असर अब भारत पर दिखने लगा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय रुपये में भारी गिरावट आई है। इस आर्थिक संकट से निपटने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आपात कदम उठाया है। बैंक ने अपने खजाने से 12 बिलियन डॉलर का सोना बेच दिया है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा
ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स की नई रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई ने 22 मई को खत्म हुए दो हफ्तों के दौरान यह सोना बेचा है। इस बड़े फैसले के जरिए केंद्रीय बैंक ने अपनी विदेशी मुद्रा संपत्तियों को मजबूत किया है। इस रणनीतिक कदम से भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियों में करीब 7.5 बिलियन डॉलर का भारी इजाफा होने की उम्मीद है।
आखिर क्यों केंद्रीय बैंक को उठाना पड़ा यह कदम
दरअसल युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही ठप हो गई है। खाड़ी देशों में ईरान के हमलों से तेल उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल तेजी से उछलकर 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। इस वजह से भारत का आयात बिल तेजी से बढ़ गया है।
कच्चा तेल महंगा होने से भारतीय रुपये पर भारी दबाव आ गया। चूंकि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है, इसलिए अर्थव्यवस्था को बचाना जरूरी था। रुपये की ऐतिहासिक गिरावट को रोकने और विदेशी मुद्रा भंडार को सहारा देने के लिए ही रिजर्व बैंक ने सोने के भंडार का इस्तेमाल करने का फैसला किया है।
मुश्किल वक्त में डॉलर पर क्यों बढ़ा भरोसा
युद्ध जैसे गंभीर संकट के समय देश का चालू खाता घाटा तेजी से बढ़ता है। ऐसे हालात में किसी भी केंद्रीय बैंक के पास नकद विदेशी मुद्रा यानी डॉलर का होना बेहद जरूरी होता है। आरबीआई ने इसी वजह से सोने के मुकाबले डॉलर पर ज्यादा जोर दिया है। सोना बेचने से बाजार में तुरंत नकदी का संकट दूर होगा।
इस बीच रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने आम जनता के लिए बड़ी चेतावनी जारी की है। तेल की कीमतें बढ़ने से देश में पेट्रोल और डीजल 10 रुपये तक महंगे हो सकते हैं। ईंधन की कीमतों में इस भारी उछाल के कारण आने वाले दिनों में दूध से लेकर कपड़े तक हर जरूरी चीज काफी महंगी होने के आसार हैं।
सुरक्षित ठिकाने पर वापस लाया जा रहा है सोना
आंकड़ों के मुताबिक मार्च के अंत तक आरबीआई के पास कुल 880.52 मीट्रिक टन सोना मौजूद था। इस कुल भंडार का लगभग 77 प्रतिशत हिस्सा भारत के भीतर ही बेहद सुरक्षित रखा गया है। भारत अब विदेशों में जमा अपने सोने को तेजी से वापस ला रहा है ताकि भविष्य में किसी भी विदेशी प्रतिबंध से बचा जा सके।
Author: Rajesh Kumar


