Delhi News: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) ने सरकारी कर्मचारियों और यूनियनों को एक और बड़ी राहत दी है। आयोग ने कर्मचारी मेमोरेंडम यानी मांग पत्र जमा करने की आखिरी तारीख को एक बार फिर बढ़ा दिया है। अब इसे बढ़ाकर 15 जून, 2026 कर दिया गया है।
इससे पहले मांग पत्र सौंपने की यह समयसीमा 31 मई, 2026 तय की गई थी। हालांकि, आयोग ने पूरी तरह साफ कर दिया है कि इसके बाद किसी को कोई नया मौका नहीं मिलेगा। यह अंतिम डेडलाइन है, जिसके भीतर सभी यूनियनों को अपनी मांगें दर्ज करानी होंगी।
अगर आप या आपकी यूनियन मेमोरेंडम जमा करना चाहते हैं, तो यह काम सिर्फ ऑनलाइन ही किया जा सकेगा। इसके लिए आपको 8वें वेतन आयोग के आधिकारिक डेटा पोर्टल 8cpc.gov.in पर जाना होगा। आयोग हाथ से लिखा कागज, ईमेल या फिजिकल कॉपी स्वीकार नहीं करेगा।
जानिए क्यों बढ़ानी पड़ी मेमोरेंडम जमा करने की तारीख?
नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) और विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने आयोग से समय बढ़ाने की मांग की थी। शुरुआती डेडलाइन 30 अप्रैल थी, जिसे पहले बढ़ाकर 31 मई किया गया और अब इसे अंतिम रूप से 15 जून, 2026 कर दिया गया है।
आयोग इस वक्त पूरे देश में क्षेत्रीय बैठकें और सलाह-मशविरा कर रहा है, ताकि सभी पक्षों की बात सुनी जा सके। आगामी बैठकों के शेड्यूल के तहत लखनऊ में 22-23 जून, भुवनेश्वर में 6-7 जुलाई और कोलकाता में 9-10 जुलाई, 2026 को बैठकें आयोजित की जाएंगी।
कर्मचारियों की ये तीन मुख्य मांगें हैं सबसे बड़ी
कर्मचारी यूनियनें इस बार सरकार के सामने मजबूती से अपनी मांगें रख रही हैं। सौंपे जाने वाले मेमोरेंडम में मुख्य रूप से तीन बड़ी मांगें शामिल हैं। पहली मांग देश भर में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा पूरी तरह से लागू करने की है।
दूसरी मांग के तहत कर्मचारी चाहते हैं कि शुरुआती न्यूनतम बेसिक सैलरी को बढ़ाकर सीधे 69,000 रुपये किया जाए। इसके अलावा, सैलरी और भत्तों को तय करने वाले फिटमेंट फैक्टर मल्टीप्लायर को नए सिरे से तय करने की मांग की जा रही है, ताकि वेतन में बंपर बढ़ोतरी हो सके।
कब से लागू होगा नया वेतन और कितना मिलेगा फायदा?
आयोग की अंतिम सिफारिशें साल 2026 के आखिर या 2027 की शुरुआत तक पूरी होने और लागू होने की उम्मीद है। लेकिन केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि जो भी नया वेतन ढांचा तय होगा, उसे 1 जनवरी, 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा।
इसका मतलब यह है कि सिफारिशें देर से लागू होने के बावजूद कर्मचारियों को पिछले महीनों का पूरा बकाया (एरियर) एक साथ मिलेगा। इस फैसले से लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा फायदा पहुंचेगा, जिससे उनके वेतन और भत्तों में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।
Author: Rajesh Kumar

