हिमाचल निकाय चुनाव में भाजपा की बड़ी बढ़त, अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर बोला तीखा हमला

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के नगर निगम और पंचायती राज चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोला। उन्होंने चार में से तीन नगर निगमों में भाजपा की जीत को प्रदेश सरकार के खिलाफ जनता का साफ संदेश बताया और मतदाताओं का आभार जताया।

हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि देवभूमि की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की विकासवादी नीतियों पर भरोसा दिखाया है। उन्होंने विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी। साथ ही चुनाव में मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल के प्रयासों की भी सराहना की।

चार नगर निगमों का बड़ा सियासी संकेत

ठाकुर के अनुसार धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन नगर निगमों में भाजपा ने कुल 37 सीटें जीती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 23 सीटों तक सिमट गई, जबकि 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। उनके मुताबिक यह परिणाम शहरी मतदाताओं के बदले हुए मूड को दिखाता है।

राज्य निर्वाचन आयोग के चुनाव कार्यक्रम के अनुसार हिमाचल में इस बार 51 शहरी निकायों के चुनाव हुए। इनमें चार नगर निगम भी शामिल रहे। मतदान 17 मई को हुआ था। नगर परिषद और नगर पंचायतों के नतीजे उसी दिन आने लगे, जबकि चार नगर निगमों की मतगणना 31 मई को तय थी।

मतदान के बाद सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 51 शहरी निकायों में करीब 69.16 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई। चार नगर निगमों में मतदान लगभग 63.44 प्रतिशत रहा। नगर परिषदों और नगर पंचायतों में यह आंकड़ा करीब 72.42 प्रतिशत तक पहुंचा। चुनाव शांतिपूर्ण रहे और बड़े विवाद की सूचना नहीं मिली।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि जनता ने कांग्रेस सरकार की नीतियों, प्रशासनिक अव्यवस्था और वित्तीय कुप्रबंधन के खिलाफ मतदान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार धीमी हुई है। उनके मुताबिक कर्मचारी, युवा, किसान और व्यापारी सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले बड़े वादे किए थे। सत्ता में आने के बाद सरकार रोजगार और विकास के मोर्चे पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। ठाकुर के मुताबिक शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों के मतदाताओं ने इन चुनावों में कांग्रेस के शासन को नकारा है।

कर्ज और घाटे पर तेज सियासी वार

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य पर कुल कर्ज एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। विधानसभा में दी गई जानकारी के हवाले से उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में करीब 35,555 करोड़ रुपये के नए ऋण लिए गए।

PRS Legislative Research के बजट विश्लेषण के अनुसार 2025-26 में हिमाचल का राजकोषीय घाटा 10,338 करोड़ रुपये अनुमानित था। राजस्व घाटा 6,390 करोड़ रुपये रखा गया था। 2026-27 के बजट दस्तावेजों में 2025-26 के संशोधित अनुमान अधिक दिखे और राजकोषीय घाटा 16,708 करोड़ रुपये तक पहुंचा।

इसी विश्लेषण में 2025-26 के संशोधित अनुमान में राजस्व घाटा 9,812 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ठाकुर ने कहा कि ये आंकड़े सरकार की आर्थिक चुनौतियों को दिखाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वेतन भुगतान, वित्तीय प्रबंधन और भविष्य की योजना पर सरकार स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रही है।

भाजपा नेता ने कहा कि निकाय और पंचायती राज चुनावों के नतीजे केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं हैं। उनके अनुसार यह जनादेश 2027 के विधानसभा चुनावों की दिशा भी तय कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब बदलाव चाहती है और भाजपा के पक्ष में माहौल बन रहा है।

अनुराग ठाकुर ने विश्वास जताया कि भाजपा 2027 में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी हिमाचल को फिर विकास, सुशासन और वित्तीय अनुशासन के रास्ते पर ले जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क बढ़ाने और जनता की अपेक्षाओं पर लगातार काम करने की अपील की।

Author: Sunita Gupta

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