Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली के साकेत इलाके में शनिवार शाम एक पांच मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस खौफनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
यह दर्दनाक हादसा साकेत के वेस्टर्न मार्ग पर हुआ। दिल्ली फायर सर्विसेज को शनिवार शाम करीब पौने आठ बजे मलबे की पहली कॉल मिली थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद हालात का जायजा लेने के लिए तुरंत ग्राउंड जीरो पर पहुंचीं।
मुख्यमंत्री ने घटना का बारीकी से निरीक्षण किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। प्रशासन ने मलबे से आठ घायलों को सुरक्षित निकालकर एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। इनमें से दो मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण वे आईसीयू में भर्ती हैं।
युवा छात्रों का प्रमुख केंद्र थी यह बहुमंजिला इमारत
हादसे का शिकार हुई पांच मंजिला इमारत मुख्य रूप से छात्र-छात्राओं का प्रमुख ठिकाना थी। इस पूरी बिल्डिंग में विद्यार्थियों के लिए पीजी, एक बड़ी मेस और कई कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे थे। इस वजह से यहां हमेशा युवाओं की भारी भीड़ रहती थी।
हादसे के बाद से ही राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। मलबे को तेजी से हटाने के लिए भारी-भरकम जेसीबी मशीनों को काम पर लगाया गया है। प्रशासन ने हालात की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त रेस्क्यू फोर्स तैनात की है।
सबसे खास बात यह है कि मलबे के भीतर डॉक्टरों की एक विशेष टीम भेजी गई है। यह टीम मलबे में दबे घायल लोगों को तुरंत मेडिकल सपोर्ट दे रही है। एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और डीडीएमए की टीमें संयुक्त मिशन में जुटी हैं।
लापरवाह अधिकारियों और बिल्डरों पर गिरेगी गाज
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि दिल्ली में नागरिकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अवैध रूप से बनी इस इमारत के मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिन भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण में यह निर्माण चल रहा था, उनकी भी पहचान कर सख्त सजा दी जाएगी।
सरकार के इस सख्त रवैए से अवैध निर्माण करने वालों में दहशत का माहौल है। आने वाले दिनों में दिल्ली के छात्र बहुल इलाकों जैसे सैदुलअजाब और महरौली में चल रहे अवैध निर्माणों और पीजी संचालकों पर प्रशासन का बड़ा चाबुक चलने वाला है।
Author: Raj Thakur

