Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश ने केंद्र सरकार के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) 2.0 में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हिमाचल ने छठा स्थान हासिल किया है। केवल राज्यों की श्रेणी में हिमाचल तीसरे स्थान पर रहा है।
राज्य ने पिछले तीन वर्षों में अपनी स्कूल शिक्षा व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार किया है। हिमाचल ने शिक्षा की गुणवत्ता, बुनियादी ढांचे और सीखने के परिणामों को बेहतर बनाया है। इस शानदार बदलाव से राज्य की रैंकिंग में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।
आकांक्षी श्रेणी से बाहर निकलकर प्रचेष्टा-2 में बनाई जगह
हिमाचल प्रदेश ने इस साल सूचकांक में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है। इस बार हिमाचल को प्रचेष्टा-2 ग्रेड हासिल हुआ है। इससे पहले वर्ष 2022-23 और 2023-24 में राज्य काफी पीछे आकांक्षी-1 श्रेणी में ही सिमट कर रह गया था।
इस साल प्रदेश का कुल स्कोर सुधरकर 659.2 अंक तक पहुंच गया है। पिछले प्रदर्शन के मुकाबले हिमाचल ने अपने खाते में 85.4 अंकों की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है। यह सुधार राज्य सरकार के लगातार प्रयासों का नतीजा माना जा रहा है।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने देश में पीजीआई 2.0 और पीजीआई-डी रिपोर्ट जारी की है। यह महत्वपूर्ण रिपोर्ट विभिन्न वैज्ञानिक मानकों पर राज्यों के शिक्षा प्रदर्शन को मापती है। देश में केवल छह राज्य ही प्रचेष्टा-2 श्रेणी तक पहुंच सके हैं।
सीखने की क्षमता और शैक्षणिक गुणवत्ता में सबसे बड़ा सुधार
तुलनात्मक विश्लेषण के अनुसार हिमाचल देश में छठे पायदान पर है। साल 2023-24 में प्रदेश का स्कोर सिर्फ 573.8 था। रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल ने शिक्षा तक समान पहुंच में 90.5 प्रतिशत और शिक्षक प्रशिक्षण में 80.3 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
राज्य ने सबसे शानदार प्रदर्शन लर्निंग आउटकम्स एंड क्वालिटी के क्षेत्र में किया है। इस विशेष श्रेणी में राज्य का स्कोर 54.2 से सीधे 117.9 पहुंच गया है। इससे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में भारी सुधार का साफ संकेत मिलता है।
स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं का स्कोर भी 97.0 से बढ़कर 110.5 हो गया है। पीजीआई 2.0 में कुल 1000 अंकों के आधार पर ग्रेड दिए जाते हैं। चंडीगढ़ और पंजाब प्रचेष्टा-1 श्रेणी के साथ देश में सबसे आगे रहे हैं।
Author: Sunita Gupta


