रातों-रात रद्द हुए दो बड़े विदेशी टेंडर, आज आएंगे Q4 के नतीजे; इस इंफ्रा स्टॉक पर टिकीं सबकी नजरें

Business News: भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के शेयर सोमवार को शेयर बाजार के निवेशकों की रडार पर रहने वाले हैं। कंपनी से जुड़े दो बेहद बड़े और महत्वपूर्ण अपडेट्स सामने आ रहे हैं, जिनका सीधा असर आज इसके शेयरों की चाल पर देखने को मिल सकता है।

कंपनी के मोर्चे पर पहला बड़ा अपडेट यह है कि क्रोएशिया रिपब्लिक में मिलने वाले दो बड़े सड़क निर्माण के ठेके अचानक रद्द हो गए हैं। वहीं, दूसरी ओर कंपनी आज यानी सोमवार को बाजार बंद होने के बाद अपने वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों की घोषणा करने जा रही है।

अफकॉन्स इंफ्रा ने पिछले साल 17 जुलाई 2025 को निवेशकों को बताया था कि उसे क्रोएशियाई मोटरवे लिमिटेड की तरफ से दो सड़क निर्माण पैकेजों के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी चुना गया है। हालांकि, 16 मई को कंपनी को सूचना मिली कि ये दोनों टेंडर पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं।

क्यों रद्द हुए क्रोएशियाई सड़क निर्माण के टेंडर?

विदेशी ग्राहक द्वारा इन दोनों टेंडरों को रद्द करने के पीछे एक मुख्य वजह बताई गई है। क्रोएशियाई अथॉरिटी के अनुसार, भारतीय कंपनी अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा टेंडर में ऑफर की गई प्रोजेक्ट लागत, उनके तय वित्तीय बजट और पहले से निर्धारित योजना से काफी ज्यादा पाई गई थी।

हालांकि, क्रोएशिया से ही कंपनी के लिए पिछले हफ्ते एक बड़ी और राहत देने वाली खबर भी आई थी। अफकॉन्स इंफ्रा को वहां की एक मुख्य रेलवे लाइन के पुनर्निर्माण और उसे डबल ट्रैक बनाने के लिए सबसे उपयुक्त बिडर चुना जा चुका है। इस बड़े रेलवे टेंडर की कुल कीमत 677.07 मिलियन यूरो है।

डूगो सेलो-नोव्स्का रेलवे लाइन के इस प्रोजेक्ट में ट्रैक री-कंस्ट्रक्शन के साथ ओवरहेड बिजली, सिग्नलिंग और दूरसंचार का काम शामिल है। अफकॉन्स इंटरनेशनल ने इसे यूरोप के बाजार में अपनी एक मजबूत एंट्री बताया है, क्योंकि यह कंपनी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर है।

कंपनी के वित्तीय आंकड़े और शेयर का ताजा प्रदर्शन

स्क्रीनर पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अफकॉन्स इंफ्रा पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत और स्थिर ग्रोथ दिखा रही है। कंपनी की कुल सेल्स और ऑपरेटिंग प्रॉफिट दोनों में निरंतर सुधार दर्ज किया गया है। इसके साथ ही कंपनी का आरओई (ROE) और आरओसीई (ROCE) भी इंफ्रा सेक्टर के मुताबिक काफी बेहतर है।

पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को अफकॉन्स इंफ्रा के शेयर 1.6 फीसदी की मजबूती के साथ ₹336 प्रति शेयर के स्तर पर बंद हुए थे। हालांकि, इस साल अब तक इस स्टॉक में करीब 14.5 फीसदी की बड़ी गिरावट आ चुकी है और यह वर्तमान में अपने मूल इश्यू प्राइस से भी नीचे कारोबार कर रहा है।

आज जारी होने वाले चौथी तिमाही के नतीजों से कंपनी की कुल इनकम, शुद्ध मुनाफे और नए ऑर्डर्स की स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। बाजार के जानकार इस तिमाही नतीजों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इसी से कंपनी के आगामी भविष्य और शेयर की दिशा तय होने की उम्मीद है।

Author: Rajesh Kumar

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