जय राम ठाकुर के दावों की हवा निकली, सुक्खू सरकार के दो बड़े मंत्रियों ने खोल दी पोल, गिनाईं ऐतिहासिक गारंटियां!

Shimla News: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों ने विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर के बयानों पर करारा पलटवार किया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर विपक्ष के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

दोनों मंत्रियों ने दावा किया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने अपनी सभी प्रमुख गारंटियों को रिकॉर्ड समय में पूरा कर दिया है। उन्होंने जय राम ठाकुर को खुली चुनौती देते हुए पूछा कि नेता प्रतिपक्ष खुद बताएं कि सरकार ने कौन सा चुनावी वादा पूरा नहीं किया है। कांग्रेस हमेशा अपनी बात पर कायम रहती है।

पहली ही कैबिनेट में बहाल की पुरानी पेंशन योजना

मंत्रियों ने कहा कि सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया। इसके जरिए कांग्रेस ने अपनी पहली बड़ी गारंटी पूरी की। जबकि जय राम ठाकुर ने सत्ता में रहते हुए कर्मचारियों को चुनाव लड़ने की सीधी चुनौती दी थी।

दूसरी गारंटी के तहत इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना लागू की गई है। इसके जरिए पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से 1500 रुपये प्रति माह मिल रहे हैं। पहले चरण में 35,687 महिलाओं को सम्मान निधि के रूप में कुल 29.12 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

अब योजना के दूसरे चरण में एक लाख अति गरीब परिवारों की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह पेंशन मिलने जा रही है। इसके साथ ही युवाओं को स्वरोजगार के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना शुरू कर एक और वादा पूरा किया गया है।

किसानों और बागवानों के लिए एमएसपी में बंपर बढ़ोतरी

किसानों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने बकायदा किसान आयोग का गठन किया है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। वहीं मक्की का मूल्य 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये किया गया है।

पांगी घाटी की जौ का मूल्य भी 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो किया गया है। इसके अलावा हल्दी का समर्थन मूल्य 90 से बढ़ाकर 150 रुपये हुआ है। सरकार ने पहली बार अदरक के लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है।

पशुपालकों के लिए गाय के दूध का मूल्य 32 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये कर दिया गया है। भैंस के दूध का समर्थन मूल्य भी 47 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर हुआ है। जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट की खरीद 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से शुरू की गई है।

शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम

शिक्षा में सुधार के लिए सभी सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से ही अंग्रेजी माध्यम शुरू किया गया है। हर विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खुल रहे हैं। राज्य में कुल 156 नए सीबीएसई स्कूल भी खोले जा चुके हैं।

रोजगार के वादे पर मंत्रियों ने बताया कि सरकारी क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में 23,200 से अधिक युवाओं को नौकरियां दी गई हैं। इसके अलावा निजी क्षेत्र में भी 51,400 युवाओं को रोजगार मिला है। हजारों खाली पदों को भरने की प्रक्रिया इस समय तेजी से चल रही है।

बागवानों को यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू होने से सेब के बेहतर दाम मिल रहे हैं। हिमाचल प्रदेश बागवानी नीति लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। मंडी मध्यस्थता योजना में सेब, किन्नू, माल्टा और गलगल जैसे फलों के समर्थन मूल्य में 25 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि की गई है।

स्वास्थ्य क्रांति और 300 यूनिट मुफ्त बिजली का तोहफा

स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के लिए अस्पतालों में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। मरीजों को प्रदेश में ही सस्ता इलाज देने के लिए पेट स्कैन, थ्री टेस्ला एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। जिससे आम जनता को राहत मिली है।

अंत में मंत्रियों ने बताया कि ‘अपना परिवार-सुखी परिवार’ योजना के तहत अति गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी गई है। इसके तहत पात्र उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का बड़ा निर्णय लिया गया है। इस कल्याणकारी योजना से एक लाख परिवार सीधे लाभान्वित होंगे।

Author: Harikarishan Sharma

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