Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के 51 शहरी स्थानीय निकायों के चुनावी नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में भारी खलबली मचा दी है। रविवार शाम को घोषित हुए परिणामों में कहीं बड़ा उलटफेर हुआ है, तो कहीं प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला सिक्का उछालकर (टॉस) किया गया।
इस महामुकाबले में सबसे बड़ा झटका सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को लगा है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के गृह क्षेत्र टाहलीवाल नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की है। टाहलीवाल में भाजपा के पांच और कांग्रेस के केवल दो पार्षद चुनाव जीत सके हैं।
मनाली में कांग्रेस का सूपड़ा साफ, रिवालसर में भाजपा को झटका
मनाली नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने सबको सबसे ज्यादा चौंकाया है। यहां कांग्रेस पार्टी का पूरी तरह सूपड़ा साफ हो गया है। भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने मनाली की सभी सात सीटों पर ऐतिहासिक क्लीन स्वीप किया है। इस क्षेत्र में वर्तमान में कांग्रेस का विधायक है।
वहीं मंडी जिले की रिवालसर नगर पंचायत में पासा पूरी तरह पलट गया। यहां भाजपा को बहुत करारा झटका लगा है। कांग्रेस ने रिवालसर की सात में से छह सीटों पर अपना परचम लहराया है। नेरचौक नगर परिषद की आठ सीटों पर भी कांग्रेस ने एकतरफा जीत हासिल की है।
सरकाघाट में टॉस से हुआ फैसला, सुजानपुर में बागी बने किंगमेकर
मंडी की सरकाघाट नगर परिषद के वार्ड-1 में मुकाबला बेहद दिलचस्प और बराबरी पर रहा। यहां दो प्रत्याशियों के बीच मुकाबला टाई होने के बाद मीरा देवी को टॉस के जरिए विजेता घोषित किया गया। कुल्लू के वार्ड-2 में कुब्जा ठाकुर मात्र एक वोट से जीती हैं।
हमीरपुर के सुजानपुर नगर परिषद में सत्ता की चाबी पूरी तरह बागियों के हाथों में आ गई है। सुजानपुर में चार निर्दलीय उम्मीदवारों ने शानदार जीत दर्ज की है। यहां भाजपा को तीन और कांग्रेस को केवल दो सीटें मिली हैं। वार्ड-3 में कांग्रेस की बहू जीती, लेकिन ससुर चुनाव हार गए।
दौलतपुर चौक में 1 वोट से जीत, भोटा में साझा मोर्चा का कब्जा
ऊना जिले के दौलतपुर चौक के वार्ड-7 में सबसे कांटे का मुकाबला देखा गया। यहां रेणु रानी ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को महज 1 वोट के अंतर से हराया है। चौपाल नगर पंचायत में कांग्रेस ने 4 सीटें जीतकर भाजपा (2 सीट) को करारी शिकस्त दी है।
भोटा नगर पंचायत में कांग्रेस समर्थित पूर्व अध्यक्ष पति-पत्नी दोनों ही चुनाव हार गए हैं। भोटा में कांग्रेस और व्यापार मंडल के साझा मोर्चे को तीन सीटें मिली हैं। कोटखाई और कंडाघाट में भाजपा का दबदबा रहा, जबकि करसोग और नूरपुर नगर परिषद पर कांग्रेस का कब्जा हुआ है।
Author: Harikarishan Sharma


