Kangra News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में रसोई गैस व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इंदौरा उपमंडल की डमटाल गैस एजेंसी के बाहर लोग भीषण गर्मी में घंटों कतारों में खड़े हैं। नागरिक आपूर्ति विभाग की इस लचर प्रणाली से उपभोक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच चुका है।
गैस सिलेंडर की किल्लत ने सबसे ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और नौकरीपेशा लोगों को परेशान किया है। उपभोक्ताओं को अपना जरूरी कामकाज छोड़कर और दफ्तर से छुट्टी लेकर लाइनों में लगना पड़ रहा है। घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर मिलेगा या नहीं, इसकी कोई पक्की गारंटी नहीं होती है।
सीएम शिकायत पोर्टल पर भी नहीं हो रही कोई सुनवाई
एजेंसी की मनमानी इस कदर बढ़ गई है कि मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल भी बेअसर साबित हो रहा है। स्थानीय उपभोक्ता प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने पंद्रह मार्च को आखिरी सिलेंडर लिया था। इसके बाद उन्होंने नियम के अनुसार बुकिंग की, लेकिन महीनों बाद भी उन्हें गैस नहीं मिली।
प्रदीप शर्मा ने थक-हार कर नौ मई को मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर अपनी समस्या दर्ज करवाई। हैरानी की बात यह है कि आज तक उनकी इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का स्पष्ट आरोप है कि एजेंसी के कर्मचारी उपभोक्ताओं के फोन तक उठाना जरूरी नहीं समझते।
बुकिंग के बावजूद सिलेंडर की समय पर डिलीवरी नहीं हो रही है। उपभोक्ताओं की जायज शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इन दिक्कतों से परेशान होकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से गैस वितरण व्यवस्था को तुरंत सुधारने की सख्त मांग की है।
व्यवस्था नहीं सुधरी तो सड़कों पर उतरेगी नाराज जनता
गुस्साए उपभोक्ताओं ने प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है। लोगों का कहना है कि अगर इस रोजमर्रा की जरूरत का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। जनता अब मजबूर होकर सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रही है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
दूसरी तरफ डमटाल गैस एजेंसी के इंचार्ज वनीत कुमार ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने बताया कि इंदौरा सप्लाई के लिए गाड़ी भेजी गई थी, लेकिन भारी भीड़ के कारण सिलेंडर बंटने में दिक्कत आई। होम डिलीवरी में बुकिंग के अनुसार घर पर ही गैस सिलेंडर पहुंचाया जाता है।
इंचार्ज ने बताया कि फोकल पॉइंट पर गाड़ी से क्रम के अनुसार सिलेंडर लेना पड़ता है। भीड़ में बुकिंग का क्रम जानना बहुत मुश्किल हो जाता है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गाड़ी पर चढ़ने के बजाय शांति से कतारों में लगकर अपना गैस सिलेंडर प्राप्त करें।
गैस एजेंसी प्रबंधन ने सभी उपभोक्ताओं से अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया जल्द पूरी करने का अनुरोध किया है। केवाईसी अपडेट होने से भविष्य में गैस सिलेंडर लेने में कोई तकनीकी समस्या नहीं आएगी। अब देखना यह है कि प्रशासन लोगों की इस भारी परेशानी का कब तक स्थायी समाधान निकालता है।


