Gaya News: बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं खनन मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। प्रधानमंत्री की ईंधन बचत की अपील को अमलीजामा पहनाते हुए, मंत्री ने गुरुवार को जहानाबाद से गया तक का सफर लग्जरी सरकारी गाड़ियों के बजाय ‘वंदे भारत’ ट्रेन से पूरा किया। आमतौर पर मंत्रियों के साथ चलने वाले गाड़ियों के लंबे काफिले को दरकिनार कर उनकी इस सादगी भरी पहल की राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में जमकर सराहना हो रही है।
मंत्री डॉ. चंद्रवंशी अपने गृह जिला जहानाबाद में थे और उन्हें गया में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शिरकत करनी थी। वीआईपी कल्चर को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने सार्वजनिक परिवहन का चुनाव किया। गया पहुंचने के बाद भी उन्होंने पारंपरिक ईंधन वाली गाड़ियों के बजाय इलेक्ट्रिक कार का उपयोग किया। स्थानीय समर्थकों और कार्यकर्ताओं के घर जाने के लिए भी उन्होंने इसी ई-वाहन का सहारा लिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक को अपनाने का एक स्पष्ट संदेश जनता के बीच गया है।
एस्कॉर्ट व्यवस्था में बड़ा बदलाव और ईंधन की भारी बचत
अपनी कार्यशैली में बदलाव लाते हुए डॉ. चंद्रवंशी ने सुरक्षा काफिले (एस्कॉर्ट) के नियमों को भी संशोधित किया है। उन्होंने बताया कि पहले एक जिले से दूसरे जिले तक जाने में कई गाड़ियां अनावश्यक रूप से साथ चलती थीं। अब उन्होंने नियम बनाया है कि पटना की सीमा पार करते ही वहां की एस्कॉर्ट गाड़ी वापस भेज दी जाती है और संबंधित जिले में केवल स्थानीय सुरक्षा वाहन का ही उपयोग किया जाता है। इस छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव से सरकारी ईंधन की खपत में बड़ी कमी आई है।
मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा अब केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का व्यक्तिगत दायित्व है। उन्होंने आम जनता और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपनी छोटी-छोटी आदतों में सुधार कर देश की ऊर्जा बचत में योगदान दें। सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता उपयोग भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अनिवार्य है। मंत्री की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो फिजूलखर्ची रोककर एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

