East Delhi News: दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर ठगों को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने पिछले एक साल में दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के 50 निर्दोष लोगों को अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने अब तक करीब 68 लाख रुपये की बड़ी रकम हड़प ली है।
व्हाट्सएप मैसेज से शुरू हुआ ठगी का खेल
ठगी का यह पूरा मामला तब सामने आया जब मंडावली निवासी सुमित कुमार ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। सुमित को व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया था। मैसेज भेजने वाले ने खुद को इशिता प्रज्ञा बताया और एक नामी निवेश कंपनी का प्रतिनिधि होने का दावा किया। शातिर महिला ने सुमित को शेयर बाजार में पैसा लगाकर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। मुनाफे के झांसे में आकर पीड़ित ने आठ बार में कुल 1.60 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पेट्रोल पंप के खातों का हुआ गलत इस्तेमाल
पुलिस उपायुक्त राजीव रावल ने बताया कि मामले की जांच के लिए इंस्पेक्टर पवन यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। बैंक खातों की जांच में पता चला कि ठगी की रकम चंडीगढ़ के एक बैंक खाते में गई थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरविंदर शर्मा और प्रदीप दूबे के रूप में हुई है। प्रदीप एक पेट्रोल पंप पर काम करता था। वह पेट्रोल पंप के मर्चेंट अकाउंट के जरिए ठगी की रकम को घुमाता था और कमीशन काटकर नकदी ठगों तक पहुंचाता था।
म्यूल बैंक खातों के जरिए छिपाते थे पहचान
पकड़ा गया दूसरा आरोपी गुरविंदर शर्मा साइबर अपराधियों को ‘म्यूल बैंक खाते’ उपलब्ध कराने का काम करता था। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की गई राशि को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए किया जाता था ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल फोन और दो म्यूल खातों की पासबुक बरामद की है। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और कई राज्यों में छापेमारी की जा रही है।


