Nainital News: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सख्त कदम उठाया है। जिले के 23 लाख से अधिक राशन कार्डों की पात्रता की जांच करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अपात्र लोगों को सूची से बाहर करना और वास्तविक जरूरतमंदों को योजना का लाभ पहुंचाना है। प्रशासन की इस कार्रवाई से राशन कार्ड धारकों में हड़कंप मचा हुआ है।
तहसील और ब्लॉक स्तर पर कमेटियों का गठन
राशन कार्डों के सत्यापन के लिए जिलाधिकारी ने व्यापक प्रशासनिक ढांचा तैयार किया है। जिले के नोडल अधिकारी के रूप में एडीएम प्रशासन को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, ब्लॉक स्तर पर खंड विकास अधिकारी (BDO) और तहसील व शहर स्तर पर उपजिलाधिकारी (SDM) को नोडल बनाया गया है। प्रत्येक ब्लॉक और तहसील में पांच-पांच अधिकारियों की विशेष समिति गठित की गई है। यह समितियां एक माह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगी।
अनिवार्य होगी ई-केवाईसी की प्रक्रिया
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह सत्यापन केंद्र सरकार के उन निर्देशों के क्रम में किया जा रहा है, जिसमें हर पांच साल में कार्डों की अनिवार्य जांच का प्रावधान है। इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक उपभोक्ता की ई-केवाईसी (e-KYC) करवाई जाएगी। इससे फर्जी या डुप्लीकेट कार्डधारकों की पहचान आसानी से हो सकेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान जो भी कार्डधारक अपात्र पाया जाएगा, उसका कार्ड तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा।
जिले में राशन कार्डों का वर्तमान गणित
नैनीताल जिले के छह तहसील क्षेत्रों में वर्तमान में राशन कार्डों की संख्या काफी अधिक है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्राथमिक परिवार योजना के तहत 1,13,642, अंत्योदय अन्न योजना में 17,834 और राज्य खाद्य योजना के अंतर्गत 1,01,104 कार्डधारक पंजीकृत हैं। इन सभी योजनाओं को मिलाकर जिले में कुल 9,51,910 यूनिट राशन वितरित किया जाता है। सत्यापन के बाद रिक्त होने वाले स्थानों पर प्रतीक्षा सूची में शामिल पात्र परिवारों को जगह दी जाएगी।
अपात्रों को हटाने के सख्त निर्देश
प्रशासन का मानना है कि कई ऐसे लोग भी सरकारी राशन का लाभ ले रहे हैं, जो अब आर्थिक रूप से सक्षम हो चुके हैं या पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करते। जिलाधिकारी रयाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। पात्र परिवारों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए ताकि सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो सके। आने वाले एक महीने में जिले के सभी राशन कार्डों का डेटा पूरी तरह अपडेट कर दिया जाएगा।


