Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में आज नगर निगम (MCD) के नए महापौर और उप महापौर का चुनाव होने जा रहा है। दोपहर 2 बजे सिविक सेंटर में होने वाली सदन की बैठक के दौरान नए मेयर के नाम पर मुहर लगेगी। इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प है क्योंकि सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने खुद को इस प्रक्रिया से पूरी तरह अलग कर लिया है। ‘आप’ के मैदान छोड़ने से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
बीजेपी ने प्रवेश वाही पर खेला दांव, कांग्रेस भी मुकाबले में
भारतीय जनता पार्टी ने मेयर पद के लिए रोहिणी-ई वार्ड के अनुभवी पार्षद प्रवेश वाही को अपना उम्मीदवार बनाया है। वाही वर्तमान में सदन के नेता भी हैं। उनके साथ मोनिका पंत को डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकित किया गया है। दूसरी ओर, संख्या बल की कमी के बावजूद कांग्रेस ने भी चुनौती पेश की है। कांग्रेस की तरफ से मोहम्मद जरिफ मेयर और राजेश कुमार गुप्ता डिप्टी मेयर पद के लिए ताल ठोक रहे हैं।
स्थायी समिति की रिक्त सीटों के लिए भी होगा घमासान
आज केवल महापौर का ही फैसला नहीं होगा, बल्कि स्थायी समिति (Standing Committee) की तीन खाली सीटों के लिए भी मतदान होगा। नगर निगम के कामकाज में स्थायी समिति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए इन सीटों पर जीत हासिल करना दोनों पार्टियों के लिए नाक की लड़ाई बन गया है। आम आदमी पार्टी और इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) की गैर-मौजूदगी में बीजेपी के पास इन पदों पर कब्जा जमाने का सुनहरा मौका है।
वोटों का गणित: बीजेपी के पास बहुमत का स्पष्ट आंकड़ा
दिल्ली नगर निगम के 250 वार्डों में बीजेपी के पास 123 पार्षद हैं, जबकि ‘आप’ के पास 100 और कांग्रेस के पास केवल 9 पार्षद हैं। मेयर चुनाव में पार्षदों के अलावा सांसद और विधायक भी हिस्सा लेते हैं। इस गणित के अनुसार, बीजेपी के पास कुल 141 वोट होने का अनुमान है, जो बहुमत के आंकड़े से कहीं ज्यादा है। ऐसे में प्रवेश वाही का मेयर बनना लगभग निश्चित है, जिससे लगातार दूसरे साल निगम पर बीजेपी का कब्जा होगा।
प्रवेश वाही की प्राथमिकताएं: कचरा मुक्त और बेहतर दिल्ली
नामांकन दाखिल करने के दौरान प्रवेश वाही ने दिल्ली की जनता के लिए कई बड़े वादे किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर वे मेयर बनते हैं, तो शहर की सफाई और कचरा प्रबंधन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। दिल्ली में लंबे समय से सड़कों की मरम्मत, पानी की किल्लत और सीवर जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। वाही का दावा है कि वे इन चुनौतियों से निपटने के लिए एक ठोस कार्ययोजना के साथ काम करेंगे।
चुनाव का सियासी असर: ‘आप’ के फैसले पर उठ रहे सवाल
आज के चुनावी नतीजे दिल्ली की स्थानीय राजनीति की दिशा तय करेंगे। बीजेपी की संभावित जीत नगर निगम पर उसकी पकड़ को और मजबूत कर देगी। वहीं, चुनाव से ‘आप’ के पीछे हटने के फैसले ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। आलोचक इसे बीजेपी को ‘वॉकओवर’ देने जैसा बता रहे हैं। शाम तक नतीजे आने के बाद यह साफ हो जाएगा कि दिल्ली के नागरिक मुद्दों की कमान अब किसके हाथों में होगी।


