Pakistan News: इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे की लंबी शांति वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई है। परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध हटाने और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर दोनों पक्ष सहमत नहीं हो सके। इस विफलता से मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ गई है। अब इस्लामी केंद्र भारत के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद ने UN और OIC से सक्रिय हस्तक्षेप की मांग की है।
21 घंटे की बातचीत बेनतीजा, परमाणु और प्रतिबंधों के मुद्दे पर गतिरोध बरकरार
पाकिस्तान की मेजबानी में हुई इस वार्ता में दोनों देशों के बीच बुनियादी मतभेद खत्म नहीं हो सके। ईरान ने अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए सभी प्रतिबंध तुरंत हटाने की मांग की। अमेरिका ने इस पर कड़ी शर्तें रखीं। वहीं अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लंबी अवधि के कड़े नियंत्रण की मांग की। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ बताया। खाड़ी क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति और सामरिक जलमार्गों को लेकर भी दोनों पक्षों में गहरी खाई रही। विशेषज्ञों का कहना है कि इस विफलता से वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को बड़ा झटका लग सकता है।
मौलाना खालिद रशीद ने जताई चिंता, बोले- ‘वैश्विक शांति के लिए जरूरी है समाधान’
इस घटनाक्रम पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रमुख सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “यह अत्यंत चिंता का विषय है कि ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता पूरी तरह विफल रही।” उन्होंने जोर देकर कहा कि अब संयुक्त राष्ट्र और ओआईसी को सक्रिय रूप से हस्तक्षेप करना चाहिए। मौलाना ने कहा कि इस मुद्दे को पूर्ण संवाद के माध्यम से हल करना अनिवार्य है। उनके अनुसार वैश्विक शांति बनाए रखने के लिए इस विवाद का समाधान निकलना बेहद आवश्यक है।
ईरान ने अमेरिका को बताया ‘धोखेबाज’, कहा- ‘देशहित के लिए हर साधन का करेंगे इस्तेमाल’
वार्ता विफल होने के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी नेतृत्व ने अमेरिका पर धोखेबाज होने का आरोप लगाया। ईरान ने साफ किया है कि वह अपने देशहित के लिए हर साधन का इस्तेमाल करेगा। वहीं अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाए रखने की बात कही है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है। मौलाना खालिद रशीद ने चेतावनी दी है कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय मूकदर्शक बना रहा, तो इसके गंभीर परिणाम पूरे विश्व को भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने कूटनीतिक प्रयासों को नए सिरे से शुरू करने की अपील की है।
वार्ता विफलता के बाद बढ़ा तनाव, अब क्या होगा आगे?
इस्लामाबाद वार्ता के बाद अब यह साफ हो गया है कि दोनों देश अपनी स्थिति से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। अमेरिका ने ईरान पर और प्रतिबंध लगाने की संभावना जताई है। वहीं ईरान ने परमाणु गतिविधियों को तेज करने का संकेत दिया है। मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि इस स्थिति में UN और OIC को तुरंत आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि बातचीत का दरवाजा बंद नहीं होना चाहिए। वैश्विक शांति के लिए दोनों पक्षों को लचीलापन दिखाना होगा। फिलहाल मध्य पूर्व में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। दुनिया की निगाहें अब अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं।


