सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान: हिमाचल में हाईटेक होगा PWD, आपदा से निपटने के लिए बदलेगा सड़क निर्माण का तरीका

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को लेकर एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। शनिवार को शिमला में आयोजित एक उच्च स्तरीय सत्र में उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार विभाग को मजबूत और पूरी तरह तकनीक-संचालित बनाने के लिए व्यापक सुधार लागू कर रही है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन सुधारों का मुख्य लक्ष्य विभाग को भविष्य के उन्नत बुनियादी ढांचे और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना है। ‘लोक निर्माण विभागों में गुणवत्ता आश्वासन’ विषय पर आयोजित उत्तर क्षेत्र अंतर-राज्यीय संवादात्मक सत्र में उन्होंने यह बात कही।

जलवायु परिवर्तन और आपदाएं बनीं बड़ी चुनौती

सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने पिछले तीन वर्षों में कई भीषण प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है। राज्य का लगभग 90 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र पहाड़ी होने के कारण यहां सड़क संपर्क एक बुनियादी आवश्यकता है। ऐसे में आपदा के समय संपर्क बहाल करने में पीडब्ल्यूडी ने सराहनीय काम किया है।

उन्होंने चेतावनी दी कि जलवायु परिवर्तन का असर हिमाचल पर साफ दिख रहा है। आने वाले वर्षों में अन्य राज्यों को भी ऐसी ही चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अब पारंपरिक सड़क निर्माण की तकनीक को छोड़कर सुरंग निर्माण और गगनचुंबी इमारतों जैसी आधुनिक और उन्नत कार्य प्रणालियों को अपनाना होगा।

2050 तक आपदा पुनर्निर्माण पर बढ़ेगा भारी खर्च

मुख्यमंत्री ने भविष्य के वित्तीय बोझ का जिक्र करते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण सबसे बड़ी चुनौती है। वर्तमान में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग चार प्रतिशत हिस्सा आपदा पुनर्निर्माण पर खर्च हो रहा है। यह आंकड़ा साल 2050 तक बढ़कर 14 प्रतिशत हो सकता है।

इस भारी वित्तीय दबाव से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और विभागीय क्षमताओं को बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया है। सरकार अब पीडब्ल्यूडी के दायरे को व्यापक बनाने पर विचार कर रही है। भविष्य में यह विभाग बांध निर्माण और अन्य प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।

सड़कों के लिए बनी नई जल निकासी नीति

इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने ‘क्वालिटी कंट्रोल फॉर रोड वर्क्स’ नामक एक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया। इस सत्र में हिमाचल प्रदेश सहित जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियरों ने हिस्सा लेकर अपने विचार साझा किए।

सत्र को संबोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि राज्य में लगभग 45,000 किलोमीटर का विशाल सड़क नेटवर्क है। इसके स्थायी रखरखाव के लिए राज्य सरकार ने एक नई जल निकासी नीति तैयार की है। यह नीति सड़कों की उम्र बढ़ाने और गुणवत्ता सुधारने में मददगार साबित होगी।

Author: Sunita Gupta

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories