Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने गरीब परिवारों को पक्के घर देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। ग्रामीण विकास विभाग अब प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण को पूरी पारदर्शिता के साथ जमीन पर उतारेगा। इस पूरी मुहिम के तहत पक्के मकानों के असली हकदारों का चयन सीधे ग्राम सभा के माध्यम से किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि स्थानीय ग्रामीणों की सीधी भागीदारी से इस सरकारी स्कीम का लाभ बिना किसी भेदभाव के पहुंचेगा। इससे केवल सही और जरूरतमंद व्यक्ति को ही घर मिल सकेगा। इस नई व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाएगी और पात्र लोगों को उनका हक आसानी से मिलेगा।
आवास प्लस सर्वे की प्रतीक्षा सूची को ग्राम सभा देगी मंजूरी
आधिकारिक गाइडलाइंस के अनुसार आवास प्लस सर्वे के तहत तैयार हुई शुरुआती लिस्ट की जांच का काम तेज हो गया है। इस सूची को वेरीफाई करने और अंतिम मंजूरी देने का पूरा पावर अब ग्राम सभा को मिला है। इससे गांव के स्तर पर पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी।
इस पूरी प्रक्रिया को तय समय पर निपटाने के लिए आगामी जुलाई महीने में स्पेशल मीटिंग्स बुलाई जा रही हैं। इन बैठकों में इस विषय को मुख्य एजेंडा बनाया गया है। ग्रामीणों की आपसी सहमति के बाद ही इस फाइनल लिस्ट को केंद्र सरकार के ऑफिशियल पोर्टल आवाससॉफ्ट पर अपलोड किया जाएगा।
ग्रामीण विकास विभाग ने जिला अधिकारियों को जारी किए कड़े निर्देश
ग्रामीण विकास विभाग के डायरेक्टर राघव शर्मा ने राज्य के सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नर्स को सख्त ऑर्डर जारी किए हैं। प्रशासन इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। जिला और ब्लॉक स्तर के सभी बड़े अधिकारियों को इस योजना को पारदर्शी बनाने की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस टीम में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर्स शामिल हैं। परागपुर की ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर मीना शर्मा ने बताया कि उच्च स्तर से मिले इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन होगा। जुलाई की मीटिंग में पात्र परिवारों को चिह्नित कर उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा।


