गन्ना खेती में बिहार की बड़ी छलांग: गैर-चीनी मिल क्षेत्रों में भी बहेगी गन्ने की मिठास, 1.20 लाख किसान हुए पंजीकृत

Bihar News: बिहार के कृषि क्षेत्र से एक बेहद सुखद और उत्साहजनक खबर सामने आ रही है। राज्य में गन्ने की खेती अब अपनी पारंपरिक सीमाओं को तोड़कर नए जिलों और गैर-चीनी मिल क्षेत्रों में तेजी से पैर पसार रही है। गन्ना उद्योग विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 1.20 लाख से अधिक किसानों ने सरकारी पोर्टल पर अपना पंजीकरण पूरा कर लिया है। सरकार की डिजिटल और पारदर्शी नीतियों के चलते किसान अब पारंपरिक फसलों के बजाय गन्ने की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

गैर-चीनी मिल क्षेत्रों में बढ़ी किसानों की दिलचस्पी

इस बार के पंजीकरण आंकड़ों में सबसे चौंकाने वाला और सकारात्मक पहलू यह है कि लगभग 7,000 किसान उन क्षेत्रों से हैं, जहां वर्तमान में कोई चीनी मिल मौजूद नहीं है। इन ‘गैर-चीनी मिल’ क्षेत्रों के किसानों के उत्साह को देखते हुए बिहार सरकार ने अब इन इलाकों में नई चीनी मिलें स्थापित करने की योजना पर काम तेज कर दिया है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि किसानों को उनकी फसल का उचित दाम भी उनके क्षेत्र में ही मिल सकेगा।

डिजिटल पोर्टल से पंजीकरण हुआ बेहद आसान

गन्ना उद्योग विभाग ने किसानों की सहभागिता बढ़ाने के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सरल बना दिया है। अब कोई भी किसान बिना किसी बिचौलिए या जटिल कागजी कार्रवाई के सीधे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सरकार से जुड़ सकता है। आंकड़ों के अनुसार, पारंपरिक चीनी मिल क्षेत्रों से 1,13,289 और नए क्षेत्रों से 7,000 किसानों को मिलाकर कुल पंजीकृत गन्ना किसानों की संख्या 1,20,289 के पार पहुंच गई है। यह डिजिटल क्रांति कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता का नया उदाहरण पेश कर रही है।

सीधे बैंक खाते में मिल रहा सरकारी योजनाओं का लाभ

पंजीकृत किसानों को सशक्त बनाने के लिए विभाग ने कई लाभकारी योजनाओं का खाका तैयार किया है। सरकार का मुख्य ध्यान उन्नत किस्म के बीजों की उपलब्धता और आधुनिक कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान देने पर है। खास बात यह है कि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सब्सिडी की पूरी राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। इससे किसानों को गन्ना बोने से लेकर काटने तक के आधुनिक यंत्र किफायती दरों पर उपलब्ध हो रहे हैं।

नई चीनी मिलों की स्थापना की कवायद तेज

राज्य सरकार अब गन्ने के इस बढ़ते रकबे को देखते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जुट गई है। विभाग का मुख्य उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय को दोगुना करना भी है। जिन जिलों में पहली बार बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती शुरू हुई है, वहां नई मिलों के लिए जमीन और निवेश की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि गन्ने की खेती का यह विस्तार बिहार को देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों की श्रेणी में और ऊपर ले जाएगा।

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories