बुढ़वा मंगल पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें सातवें बड़े मंगल का शुभ मुहूर्त और अचूक पूजा विधि

Lucknow News: सनातन धर्म में ज्येष्ठ महीने के मंगलवार का एक बेहद खास और पवित्र महत्व माना गया है। इस पावन महीने में आने वाले हर मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के नाम से जाना जाता है। आज ज्येष्ठ महीने का सातवां बड़ा मंगल है, जिसे लेकर हनुमान भक्तों में भारी उत्साह है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बड़े मंगल के दिन बजरंगबली की सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने से जीवन के सभी दुख, दर्द और बड़े से बड़े संकट हमेशा के लिए दूर हो जाते हैं। उत्तर भारत, विशेष रूप से लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में इस दिन जगह-जगह भव्य भंडारे और छबील लगाए जाते हैं।

सातवें बड़े मंगल के लिए सबसे उत्तम और शुभ मुहूर्त

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस खास मंगलवार पर कई अद्भुत और शुभ खगोलीय संयोग बन रहे हैं। हनुमान जी की विशेष कृपा पाने और पूजा-अर्चना करने के लिए दिनभर में तीन सबसे उत्तम मुहूर्त बताए गए हैं। इन तय समय पर पूजा करने से भक्तों को शीघ्र फल मिलता है।

सुबह की पूजा के लिए अमृत काल का समय 05:45 बजे से 07:25 बजे तक सबसे श्रेष्ठ है। दोपहर की पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा। वहीं, शाम की पावन संध्या आरती के लिए 06:30 बजे से 07:45 बजे का समय उत्तम है।

जानिए आखिर क्यों कहा जाता है इसे ‘बुढ़वा मंगल’

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीराम अपने परम भक्त हनुमान जी से पहली बार ज्येष्ठ महीने के मंगलवार को ही मिले थे। एक अन्य मान्यता है कि इसी महीने हनुमान जी ने भीम का घमंड तोड़ने के लिए एक बूढ़े वानर का रूप धरा था, इसलिए इसे ‘बुढ़वा मंगल’ भी कहते हैं।

इस पवित्र दिन पर व्रत रखने और हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करने से कुंडली में मंगल ग्रह बेहद मजबूत होता है। इससे जातकों को अपने जीवन में चल रहे हर तरह के मंगल दोष और उससे जुड़ी तमाम ज्योतिषीय परेशानियों से हमेशा के लिए बड़ी राहत मिलती है।

हनुमान जी को प्रसन्न करने की बेहद सरल पूजा विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ लाल या पीले वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर या देवालय में बजरंगबली के सामने घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं। संकटमोचन को इस दिन खास तौर पर नारंगी सिंदूर और चमेली का तेल जरूर अर्पित करें।

इसके बाद आसन पर बैठकर हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पूरे भक्ति भाव से पाठ करें। भोग में बजरंगबली को बूंदी के लड्डू या कसार के साथ तुलसी दल जरूर चढ़ाएं। इसके साथ ही एक मीठा बनारसी पान अर्पित करने से जीवन की सभी अड़चनें दूर हो जाती हैं।

बड़ा मंगल के दिन क्या करें और क्या न करें

इस बड़े मंगल के शुभ अवसर पर राहगीरों के लिए ठंडे पानी, शर्बत या छबील का इंतजाम करें। इसके साथ ही गरीब और जरूरतमंद लोगों को आदरपूर्वक भोजन कराएं। ऐसा करने से हनुमान जी के साथ-साथ प्रभु श्री राम की कृपा भी भक्तों पर हमेशा बनी रहती है।

इस पवित्र दिन पर भूलकर भी घर में तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन, मांस या मदिरा का सेवन बिल्कुल न करें। दिनभर किसी भी व्यक्ति से वाद-विवाद करने या अपशब्द बोलने से पूरी तरह बचें। पूजा के अंत में कपूर जलाकर आरती करें और अपनी मनोकामना कहें।

Author: Pandit Balkrishan Sharma

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