Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में होने वाले पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों को लेकर राज्य चुनाव आयोग ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार जिला परिषद, बीडीसी और नगर निगम चुनावों की मतगणना की वेबकास्टिंग की जाएगी। इस नई तकनीक के जरिए राज्य चुनाव आयोग और जिला प्रशासन सीधे मतगणना केंद्रों की लाइव निगरानी कर सकेंगे। आयोग ने सभी जिला उपायुक्तों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।
चुनाव आयोग के नए शेड्यूल के मुताबिक पंचायत चुनाव की मतगणना मतदान वाले दिन ही पूरी होगी। हालांकि जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों के वोटों की गिनती 31 मई को की जाएगी। इन सभी केंद्रों पर वेबकास्टिंग का पुख्ता इंतजाम किया जा रहा है। आयोग का मुख्य उद्देश्य पूरी चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाना है। तकनीकी दखल से चुनाव में धांधली की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
वेबकास्टिंग की यह निगरानी केवल मतगणना केंद्रों तक ही सीमित नहीं रहने वाली है। आयोग प्रदेश के अति संवेदनशील और संवेदनशील मतदान केंद्रों पर भी इसके जरिए पैनी नजर रखेगा। इस लाइव मॉनिटरिंग से चुनाव के दौरान होने वाले विवादों और शिकायतों का तुरंत निपटारा संभव होगा। राज्य चुनाव आयोग का मानना है कि डिजिटल निगरानी से पूरी व्यवस्था पहले के मुकाबले अधिक मजबूत, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनकर उभरेगी।
दूरदराज के इलाकों के लिए आयोग का ‘प्लान बी’
हिमाचल के कठिन भूगोल को देखते हुए आयोग ने नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों के लिए अलग योजना बनाई है। जिन दूरदराज इलाकों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां विशेष वीडियोग्राफरों की तैनाती होगी। ये वीडियोग्राफर पूरी मतदान और मतगणना प्रक्रिया की विस्तृत रिकॉर्डिंग करेंगे। इससे भविष्य के लिए चुनावी रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सकेगा। आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आधुनिक तकनीक की पहुंच हर बूथ तक हो।
शहरी निकाय चुनाव के लिए 17 मई को मतदान की तारीख तय की गई है। इस दिन नगर पंचायत, नगर परिषद और चार प्रमुख नगर निगमों में वोट डाले जाएंगे। सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला नगर निगमों के नतीजे 31 मई को घोषित होंगे। वहीं नगर पंचायतों और परिषदों के पार्षदों की गिनती मतदान खत्म होते ही शुरू हो जाएगी। प्रशासन ने इन सभी चरणों के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध पूरे कर लिए हैं।
हिमाचल में पंचायत चुनाव तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई को आयोजित होंगे। इस महाकुंभ में कुल 31,182 विभिन्न पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। इनमें प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी और जिला परिषद सदस्य के पद शामिल हैं। प्रधान और वार्ड सदस्यों के नतीजे मतदान के तुरंत बाद आएंगे। यह पूरी कसरत राज्य की ग्रामीण और शहरी राजनीति की नई दिशा और दशा तय करने वाली साबित होगी।


