Business News: भारत अब नेस्ले के मशहूर चॉकलेट ब्रांड किटकैट का दुनिया में सबसे बड़ा बाजार बन गया है। कुछ साल पहले तक भारत दूसरे नंबर पर था। कंपनी ने दुनिया के कई बड़े देशों को पछाड़कर यह शानदार मुकाम हासिल किया है। यह खबर भारतीय बाजार की बढ़ती ताकत को दिखाती है।
मैगी के बाद किटकैट नेस्ले का दूसरा ऐसा बड़ा ब्रांड बन गया है। इसके लिए भारत अब दुनिया का सबसे अहम बाजार है। करीब दस साल पहले भारत इस लिस्ट में दसवें नंबर पर था। आज भारतीय ग्राहकों की बढ़ती मांग ने इसे शीर्ष पर पहुंचा दिया है। यह एक बड़ी सफलता है।
नेस्ले इंडिया के अध्यक्ष मनीष तिवारी ने इस शानदार सफलता की अहम वजहें बताई हैं। उन्होंने कहा कि भारत में किटकैट की बाजार हिस्सेदारी बहुत तेजी से बढ़ी है। कंपनी ने ग्राहकों तक अपनी पहुंच मजबूत की है। इसके अलावा नए उत्पाद और बड़े प्रचार अभियानों ने भी काफी अहम भूमिका निभाई है।
नए उत्पादों ने बाजार में मचाई धूम
नेस्ले इंडिया के निदेशक जगतीसन गोपीचंदर ने ग्राहकों की पसंद का खास ध्यान रखा है। कंपनी ने गिफ्टिंग के लिए ‘किटकैट सेलिब्रेक’ बाजार में उतारा। इसके साथ ही छोटे स्नैक के तौर पर ‘किटकैट पॉप्स’ को पेश किया गया। इन नए विकल्पों ने हर वर्ग के ग्राहकों को तेजी से अपनी ओर खींचा है।
प्रीमियम ग्राहकों के लिए कंपनी ने ‘किटकैट डिलाइट्स’ सीरीज भी शुरू की है। इसमें सॉल्टेड कैरेमल और हेज़लनट जैसे मजेदार स्वाद मिलते हैं। कंपनी ने सिर्फ शहरों ही नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों पर भी फोकस किया है। गांवों में विशेष रेफ्रिजरेटर लगाकर उत्पादों की उपलब्धता को काफी ज्यादा बढ़ाया गया है।
बिक्री के टूट गए सारे पुराने रिकॉर्ड
नेस्ले इंडिया की ताजा वार्षिक रिपोर्ट बहुत ही चौंकाने वाले आंकड़े दिखाती है। वित्त वर्ष 2025 के दौरान देश में किटकैट की करीब 395 करोड़ फिंगर इकाइयों की बंपर बिक्री हुई। यह ब्रांड भारतीय चॉकलेट बाजार में बहुत तेज गति से आगे बढ़ा है। यह आज सबसे ज्यादा बिकने वाले उत्पादों की सूची में शामिल हो गया है।
किटकैट का इतिहास भी काफी ज्यादा पुराना और बहुत दिलचस्प है। इसकी शुरुआत 1930 के दशक में ब्रिटेन की मशहूर कंपनी राउंट्रीज ने की थी। बाद में 1988 में नेस्ले ने इस कंपनी को पूरी तरह खरीद लिया। आज भी अमेरिका में इसका निर्माण लाइसेंस के तहत हर्शे कंपनी ही करती है।
Author: Rajesh Kumar

