Himachal Pradesh News: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों के बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शिमला में दावा किया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को आसानी से हैक किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि चुनाव आयोग हमेशा इन आरोपों को खारिज करता रहा है। आयोग ने कई बार खुली चुनौती भी दी है। इसके बावजूद ईवीएम पर यह बहस फिर शुरू हो गई है।
साल 2014 के लोकसभा चुनाव का दिया हवाला
सीएम सुक्खू ने 2014 के लोकसभा चुनावों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि तब कांग्रेस का वोट प्रतिशत अचानक गिर गया था। इस गिरावट पर किसी को यकीन नहीं हो रहा था। सुक्खू तब नादौन सीट से विधायक थे। उनके क्षेत्र में भी पार्टी को बेहद कम वोट मिले थे। राज्य के इतिहास में इतनी कम वोटिंग परसेंटेज कभी नहीं देखी गई थी। इसी असामान्य स्थिति के कारण उनके मन में मशीन को लेकर शंका पैदा हुई।
स्टार प्रचारक के रूप में निभाई थी अहम जिम्मेदारी
चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। केवल केरल में पार्टी की स्थिति बेहतर रही। चुनाव के दौरान कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री सुक्खू को असम और बंगाल का स्टार प्रचारक बनाया था। उन्होंने असम में दो और बंगाल में तीन दिन तक सक्रिय चुनाव प्रचार किया। इस दौरान सुक्खू ने कई रैलियों और प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था। इस चुनावी अभियान में उनके साथ हिमाचल के कुछ अन्य विधायक भी मजबूती से शामिल रहे थे।
मंत्रियों को भी सौंपी गई थी अहम जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री के अलावा हिमाचल प्रदेश के पंचायत राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने भी प्रचार में अहम भूमिका निभाई। पार्टी ने उन्हें असम विधानसभा चुनाव में पर्यवेक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी थी। अनिरुद्ध सिंह करीब बीस दिन तक असम में डटे रहे और जमीनी स्तर पर काम किया। वहीं दूसरी तरफ भोरंज से कांग्रेस विधायक सुरेश कुमार भी तीन दिन तक बंगाल के दौरे पर रहे। उनका सभी राजनीतिक कार्यक्रम मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ ही तय किया गया था।


