हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटल कायाकल्प, सीएम सुक्खू ने शिमला में किया अत्याधुनिक एमआरआई मशीन का शुभारंभ

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग में बड़े बदलाव की घोषणा की है। सरकार का मुख्य लक्ष्य मरीजों को अस्पताल पहुंचने वाले दिन ही एमआरआई, सीटी स्कैन और सभी जरूरी टेस्ट की सुविधा देना है। इसके लिए सभी मेडिकल कॉलेजों को हाई-टेक बनाया जा रहा है।

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मेडिकल कॉलेजों में बनेगी आधुनिक ऑटोमेशन लैब

मुख्यमंत्री ने शिमला के चमियाणा में थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन का उद्घाटन किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक ऑटोमेशन लैब स्थापित की जा रही हैं। इन लैब्स के शुरू होने से सभी प्रकार की मेडिकल जांच रिपोर्ट बेहद कम समय में मिल सकेगी।

इस नई व्यवस्था में मानवीय हस्तक्षेप बिल्कुल नहीं होगा और सारा काम मशीनों द्वारा किया जाएगा। सरकार इस ऑटोमेशन लैब प्रोजेक्ट पर लगभग 125 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। एआई आधारित इन मशीनों से मिलने वाली रिपोर्ट काफी सटीक होगी और मरीजों का इंतजार खत्म होगा।

लाखों की रोबोटिक सर्जरी अब बेहद सस्ती

सीएम सुक्खू ने कहा कि निजी अस्पतालों में जो रोबोटिक सर्जरी पांच लाख रुपये तक में होती है, वह सरकारी अस्पतालों में मात्र 50,000 रुपये में होगी। सरकार प्रति ऑपरेशन 65,000 रुपये की भारी सब्सिडी दे रही है। इसका सीधा फायदा गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को मिलेगा।

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आईजीएमसी, टांडा, मंडी और हमीरपुर में एडवांस थ्री-टेस्ला मशीनें काम कर रही हैं। सामान्य मशीनों के मुकाबले यह नई तकनीक काफी तेजी से काम करती है। इससे मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब पंजाब, चंडीगढ़ या दिल्ली जैसे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा।

भारी बारिश और आपदा प्रबंधन पर बड़ी बैठक

राज्य में मानसून की भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। विशेषकर किन्नौर और कुल्लू जिले प्राकृतिक आपदा से अधिक प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को सभी जिला उपायुक्तों के साथ लगातार ग्राउंड रिपोर्ट की समीक्षा करने के निर्देश जारी किए हैं।

राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए सरकार अगले सप्ताह डिजास्टर मैनेजमेंट की एक बड़ी मीटिंग करेगी। इसके साथ ही सीएम ने राज्य में आने वाले पर्यटकों का स्वागत किया। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने सैलानियों को नदी-नालों के किनारे न जाने की सख्त सलाह दी है।

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