India Weather News: मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ली है। तेज गर्मी के बीच अब कड़ाके की ठंड वापसी करने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश भर के लिए एक नया और गंभीर अलर्ट जारी किया है। शनिवार, 28 मार्च की रात से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल जाएगा। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत देश के 20 राज्यों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी और बिजली गिरने का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
20 राज्यों में आंधी और बारिश का कहर
मार्च का महीना खत्म होने की कगार पर है। इसके बावजूद मौसम का यह अजीब खेल लगातार जारी है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में 30 मार्च तक झमाझम बारिश हो सकती है। आसमान में तेज बिजली चमकने की भी पूरी आशंका है। उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में आंधी और पानी का कड़ा अलर्ट है। राज्य में कुछ जगहों पर खतरनाक ओले भी गिर सकते हैं। इसके अलावा बिहार के 8 जिलों में मौसम काफी खराब रहने वाला है। राजस्थान में भी तेज और ठंडी हवाएं चलने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी का ‘येलो अलर्ट’
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में मौसम और ज्यादा बिगड़ने वाला है। यहां 28 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसका सबसे ज्यादा और सीधा असर 29 और 30 मार्च को देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने चंबा, लाहौल-स्पीति और किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है। ऊना, बिलासपुर, चंबा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में ‘येलो अलर्ट’ लागू कर दिया गया है। इन इलाकों में तेज आंधी आ सकती है और बिजली गिर सकती है। कांगड़ा और कुल्लू जैसे जिलों में भी हल्की फुहारें पड़ने के आसार हैं।
तापमान में भारी गिरावट और सेब की फसल पर खतरा
लगातार बारिश और बर्फबारी से तापमान बहुत तेजी से गिरेगा। मौसम विभाग के अनुसार 29 और 30 मार्च को तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम हो जाएगा। इससे आम लोगों को एक बार फिर से कड़ाके की ठंड का अहसास होगा। फिलहाल ऊना में अधिकतम तापमान 31 डिग्री है। यह पारा अब जल्द ही नीचे लुढ़केगा। 31 मार्च से मौसम थोड़ा साफ होने लगेगा। 1 अप्रैल से हालात पूरी तरह सामान्य हो जाएंगे। इस अचानक बदलते मौसम से किसानों की चिंता बहुत बढ़ गई है। खासकर सेब के बागानों में काफी भारी नुकसान हो सकता है। सेब के पेड़ों पर अभी फूल और फल आने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में बर्फबारी और ओले सेब की पूरी फसल को बर्बाद कर सकते हैं।


