Himachal News: हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स यानी टोल को लेकर सुक्खू सरकार ने बड़ा अनुमान लगाया है। संशोधित टोल नीति से सरकार को 228 करोड़ रुपये का भारी राजस्व मिलने की उम्मीद है। यह पिछले साल से 54 करोड़ रुपये अधिक है। विधानसभा में इस टैक्स को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। विधायकों ने सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों और रोजाना सफर करने वालों की परेशानी का अहम मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने साफ किया कि हिमाचल में पंजीकृत निजी वाहनों को इस एंट्री टैक्स से पूरी तरह छूट मिलेगी।
व्यावसायिक वाहनों की कटेगी जेब, जाम से मिलेगी मुक्ति
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह नया टैक्स मुख्य रूप से ट्रकों, बसों और माल ढोने वाले व्यावसायिक वाहनों पर ही लगेगा। आम निजी वाहन चालकों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। टोल बैरियरों पर अक्सर लगने वाले लंबे जाम का भी स्थायी हल निकाला जा रहा है। राज्य सरकार इस समस्या को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के साथ लगातार संपर्क में है। जल्द ही लोगों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
क्या हैं टोल की नई और प्रस्तावित दरें?
वर्ष 2025-26 की नीति के अनुसार हल्के मोटर वाहनों के लिए 70 रुपये की दर तय की गई है। भारी मालवाहक वाहनों को उनकी क्षमता के अनुसार 720 रुपये तक चुकाने होंगे। छोटे मालवाहक वाहनों के लिए यह शुल्क 130 रुपये प्रतिदिन है। वहीं, वर्ष 2026-27 के लिए दरों में बदलाव का नया प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव में हल्के मालवाहक वाहनों के लिए 170 रुपये प्रतिदिन तय किए गए हैं। बड़े व्यावसायिक वाहनों के लिए 570 से 900 रुपये तक दरें तय हो सकती हैं, जो उनके वजन पर निर्भर करेंगी।
5 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों को खास पास
टोल बैरियर के पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। इन लोगों को स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रमाणित रियायती पास दिए जाएंगे। हालांकि, हिमाचल प्रदेश के बाहर पंजीकृत वाहनों को ऐसी कोई छूट नहीं दी जाएगी। विधायक राकेश कालिया, सुखराम चौधरी और हरदीप बावा ने पंजाब-हरियाणा सीमा और बद्दी, नालागढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वालों का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया है कि रोज सफर करने वाले कर्मचारियों के लिए भी पास की व्यवस्था पर गंभीरता से विचार होगा।
विपक्ष के आरोपों पर सीएम का पलटवार, कैबिनेट लेगी अंतिम फैसला
विधानसभा में भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने पड़ोसी राज्यों के साथ कर व्यवस्था पर सवाल उठाए। इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने विपक्ष के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने जयराम ठाकुर सहित भाजपा नेताओं पर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक अभी विधानसभा से पारित हुआ है। इसे राज्यपाल की मंजूरी मिलना बाकी है। विधायकों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को अब अंतिम फैसले के लिए राज्य मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा।


