HRTC बस में बारिश का ‘सर्कस’: ड्राइवर ने एक हाथ से संभाला स्टेयरिंग, दूसरे से थामा छाता; चंबा की सड़कों पर जान जोखिम में

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में सरकारी परिवहन व्यवस्था किस कदर ‘राम भरोसे’ चल रही है, इसकी एक रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर चंबा से सामने आई है। रविवार को चंबा से न्याग्रां जा रही एचआरटीसी बस की छत बारिश में छलनी हो गई। बस के भीतर पानी की ऐसी धार बही कि ड्राइवर को खुद को भीगने से बचाने के लिए चलती गाड़ी में छाता खोलना पड़ा। एक हाथ में स्टेयरिंग और दूसरे में छाता थामे ड्राइवर का यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह मंजर न केवल सरकारी दावों की पोल खोल रहा है, बल्कि बस में सवार दर्जनों यात्रियों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।

खटारा बसें और यात्रियों की जान से खिलवाड़

चंबा डिपो की बसों की हालत इन दिनों दयनीय बनी हुई है। फटी सीटें, टूटे शीशे और टपकती छतें अब यात्रियों की नियति बन चुकी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कल-पुर्जों की कमी के चलते बसों की सही मरम्मत नहीं हो पा रही है। हर तीसरे दिन किसी न किसी रूट पर निगम की बस बीच रास्ते में दम तोड़ देती है। रविवार को न्याग्रां रूट पर हुए इस वाकये ने व्यवस्था के खोखलेपन को उजागर कर दिया है। यात्रियों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर प्रशासन तक अपनी बेबसी पहुंचाने की कोशिश की है।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शुरू हुई ‘नूरा-कुश्ती’

इस वायरल वीडियो ने प्रदेश की सियासत में भी उबाल ला दिया है। भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर दौड़ रही ये खटारा बसें लोगों की जिंदगी के साथ खुला खिलवाड़ हैं। वर्तमान कार्यकाल में विकास पूरी तरह ठप हो चुका है। दूसरी ओर, एचआरटीसी के निदेशक सुरजीत सिंह भरमौरी ने इस स्थिति के लिए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार बेड़े में नई बसें शामिल करने और पुरानी व्यवस्था को सुधारने का पूरा प्रयास कर रही है।

मैनेजमेंट का तर्क: ‘बस की चादर में छेद होगा’

हादसों को दावत दे रही इस अव्यवस्था पर एचआरटीसी चंबा के उपमंडलीय प्रबंधक शुगल सिंह का तर्क भी सामने आया है। उन्होंने स्वीकार किया कि बस की छत से पानी आ रहा था, जिसका कारण चादर में छेद होना हो सकता है। उन्होंने इसे जल्द दुरुस्त करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, सवाल यह उठता है कि क्या मरम्मत के नाम पर केवल ‘पैच वर्क’ ही होगा या यात्रियों को वास्तव में सुरक्षित सफर की गारंटी मिलेगी? फिलहाल, चंबा की जनता निगम के बेड़े में नई बसें शामिल करने की मांग पर अड़ी है।

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