इंस्टाग्राम पोस्ट विवाद: राहुल गांधी की पोस्ट ब्लॉक होने पर मंत्रालय ने दी सफाई, कहा- तकनीकी गलती थी

New Delhi News: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की इंस्टाग्राम पोस्ट ब्लॉक किए जाने के विवाद पर स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय ने रविवार को आधिकारिक तौर पर कहा कि विपक्ष के नेता की पोस्ट को प्रतिबंधित करने में सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की अपनी आंतरिक तकनीकी खामी के कारण हुई थी। ऑटोमैटिक सिस्टम की गलती से पोस्ट फ्लैग हो गई थी, जिसे बाद में दोबारा बहाल कर दिया गया।

मंत्रालय ने खारिज किए कांग्रेस के दावे

मंत्रालय के सूत्रों ने उन दावों को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें कहा गया था कि राहुल गांधी की पोस्ट को MeitY के विशेष निर्देशों पर हटाया गया है। सरकार ने साफ किया है कि सोशल मीडिया हैंडल्स पर चल रही ऐसी खबरें आधारहीन हैं। दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी द्वारा साझा की गई तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख विजय के शपथ ग्रहण समारोह की रील और तस्वीरें इंस्टाग्राम पर अचानक दिखनी बंद हो गई थीं।

कांग्रेस ने लगाया आवाज दबाने का आरोप

पूर्व यूथ कांग्रेस नेता श्रीवत्स ने एक्स पर आरोप लगाया कि राहुल गांधी की रील को एक घंटे में ही 1.2 करोड़ व्यूज मिल गए थे, जबकि फोटो पोस्ट 4.6 करोड़ लोगों तक पहुंच चुकी थी। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि मंत्रालय के कड़े नियमों की आड़ में विपक्ष की पहुंच को सीमित किया जा रहा है। श्रीवत्स ने यह भी आरोप लगाया कि केवल इंस्टाग्राम ही नहीं, बल्कि एक्स और यूट्यूब पर भी राहुल गांधी के फॉलोअर्स और व्यूज पर नकारात्मक असर डाला जा रहा है।

तमिलनाडु में विजय का मुख्यमंत्री पद पर अभिषेक

इस सियासी खींचतान के बीच, तमिलनाडु में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत हुई है। मशहूर अभिनेता से राजनेता बने सी जोसेफ विजय ने राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। उनकी पार्टी टीवीके ने 2026 के विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल की है। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने विजय और उनके नए मंत्रिमंडल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

जनता के बीच ‘विजय मामा’ का संबोधन

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद विजय ने अपने संबोधन में विनम्रता दिखाई। उन्होंने खुद को कोई ‘दैवीय दूत’ मानने से इनकार करते हुए कहा कि वे एक आम इंसान हैं जो केवल पूरे होने वाले वादे ही करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से उन बच्चों और युवाओं का आभार जताया जो उन्हें ‘विजय मामा’ कहकर पुकारते हैं। विजय ने अपनी इस जीत को तमिलनाडु में वास्तविक धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के एक नए दौर की शुरुआत बताया है।

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