“मैंने भी ट्रांसफर के नोट लगाए थे…” विधानसभा में सीएम सुक्खू की पत्नी के पहले भाषण से क्यों मची खलबली?

Himachal News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में शुक्रवार को एक बेहद खास पल देखने को मिला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी और देहरा से विधायक कमलेश ठाकुर ने पहली बार सदन में अपनी बात रखी। अपने पहले ही भाषण में उन्होंने खुलकर कई बड़े मुद्दों पर बेबाक राय दी। उन्होंने एक तरफ अपनी ही सरकार के आम बजट की जमकर तारीफ की। वहीं दूसरी तरफ गैस सिलेंडर की कमी और शिक्षकों के ट्रांसफर जैसे मुद्दों पर कुछ ऐसे हैरान करने वाले बयान दिए, जिसने पूरे सदन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

गैस, मनरेगा और आरडीजी पहुंच गए हैं वेंटीलेटर पर

विधायक कमलेश ठाकुर ने नवरात्र के शुभ अवसर पर चर्चा में हिस्सा लेना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने एलपीजी गैस, मनरेगा और आरडीजी को तीन बहनों का नाम दिया। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आज ये तीनों बहनें वेंटीलेटर पर अपनी आखिरी सांसें गिन रही हैं। उज्ज्वला योजना में 45 दिन की अजीब शर्त रख दी गई है। गैस की इतनी भारी किल्लत है कि अब हॉलिडे होम और यहां तक कि विधानसभा में भी लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने की नौबत आ गई है। ऐसे मुश्किल समय में सरकार का 300 यूनिट फ्री बिजली देने का फैसला गरीब परिवारों, किसानों और ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिलाओं के लिए एक बड़ा सहारा बनेगा।

ट्रांसफर के नोट कैंसिल हुए, देहरा कॉलेज का दर्द भी छलका

शिक्षा के मुद्दे पर भी देहरा की विधायक ने पूरी बेबाकी से अपनी बात सामने रखी। उन्होंने सरकारी स्कूलों में सीबीएसई बोर्ड लागू करने का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने तर्क दिया कि स्टेट बोर्ड में छात्रों को कम अंक मिलते हैं, जिससे होनहार बच्चों को आगे चलकर भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसी बीच उनका अपना एक दर्द भी छलक कर बाहर आ गया। उन्होंने बताया कि छात्रों की कमी के कारण उनके खुद के क्षेत्र का देहरा कॉलेज बंद हो रहा है। उन्होंने दूर-दराज के इलाकों में शिक्षकों को भेजने के लिए खुद ट्रांसफर के नोट लगाए थे। लेकिन किसी और नेता या अधिकारी का नोट लगाकर उनके आदेश कैंसिल कर दिए गए। राजनीति में ऐसी परिस्थितियां अक्सर आ जाती हैं।

बजट को बताया गीता का सार, विपक्ष ने भी थपथपाई पीठ

कमलेश ठाकुर ने सुक्खू सरकार के मौजूदा बजट को एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं, किसानों, पशुपालकों और अनाथ बच्चों के लिए इसमें बेहतरीन योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने भारी भरकम बजट बुक की तुलना पवित्र गीता से की। उन्होंने कहा कि भारी किताब देखकर डरने के बजाय इसके जनहितैषी सार को समझना चाहिए। उन्होंने सरकार से एकल नारी के उत्थान पर भी विशेष ध्यान देने की मांग की। उनके 18 मिनट 33 सेकंड के इस दमदार और संतुलित भाषण की स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने जमकर तारीफ की। दिलचस्प बात यह रही कि मुख्य विपक्षी दल भाजपा के विधायक अनिल शर्मा ने भी सदन में खड़े होकर उन्हें उनके पहले शानदार भाषण के लिए खास बधाई दी।

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