New Delhi News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के बाद अब इसे धर्मनगरी हरिद्वार तक विस्तार देने की तैयारी युद्ध स्तर पर शुरू हो गई है। यह महात्वाकांक्षी परियोजना केवल दो शहरों को नहीं जोड़ेगी, बल्कि उत्तर और पूर्व भारत के बीच आस्था का एक नया कॉरिडोर साबित होगी। इस विस्तार के बाद सनातन परंपरा के दो महत्वपूर्ण स्तंभ, ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) और गोवर्द्धन मठ (पुरी), आपस में हाई-स्पीड नेटवर्क के जरिए जुड़ जाएंगे, जिससे देशव्यापी धार्मिक पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलेगा।
यूपी और उत्तराखंड के बीच जल्द होगा एमओयू
अमरोहा और बिजनौर के रास्ते हरिद्वार तक एक्सप्रेस-वे ले जाने के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। सूत्रों के अनुसार, दोनों राज्यों के बीच जल्द ही एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस एमओयू के बाद निर्माण की जिम्मेदारी, लागत और भूमि अधिग्रहण जैसी बारीकियों पर काम शुरू होगा। लगभग 140 से 146 किमी लंबे इस प्रस्तावित एक्सटेंशन से हरिद्वार सीधे प्रयागराज और वाराणसी से जुड़ जाएगा।
यूपीडा ने शुरू किया भूमि अधिग्रहण का सर्वे
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) ने इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए अमरोहा और बिजनौर जिलों में नक्शे मंगवाकर सर्वे का काम शुरू कर दिया है। प्रस्तावित मार्ग अमरोहा के मंगरौला एंट्री प्वाइंट से शुरू होकर बिजनौर के रास्ते हरिद्वार की सीमा में प्रवेश करेगा। इस विस्तार का लगभग 29 किमी हिस्सा उत्तराखंड में और शेष हिस्सा उत्तर प्रदेश में विकसित किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होते ही निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
समय की होगी भारी बचत, आरामदायक होगा सफर
गंगा एक्सप्रेस-वे के इस विस्तार से श्रद्धालुओं के समय में भारी कमी आएगी। वर्तमान में हरिद्वार से प्रयागराज जाने में 11 से 13 घंटे का समय लगता है, जो एक्सप्रेस-वे के माध्यम से घटकर मात्र 7 से 8 घंटे रह जाएगा। इसी प्रकार, हरिद्वार से जगन्नाथ पुरी (ओडिशा) तक का सफर जो बेहद थकाऊ होता था, अब मात्र 20 से 24 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे श्रद्धालुओं के करीब 6 से 8 घंटे बचेंगे और यात्रा पहले से कहीं अधिक आरामदायक और सुरक्षित हो जाएगी।
चारधाम यात्रा के लिए बनेगा लाइफलाइन
यह एक्सप्रेस-वे उत्तराखंड से ओडिशा तक एक सशक्त धार्मिक कॉरिडोर विकसित करेगा, जिससे चारधाम यात्रा और पूर्वी भारत के तीर्थस्थलों के बीच की दूरी सिमट जाएगी। यूपीडा के अधिकारियों का कहना है कि हरिद्वार को कनेक्ट करने के लिए वार्ता अंतिम चरण में है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में आर्थिक विकास के नए रास्ते खुलेंगे। यह एक्सप्रेस-वे आधुनिक भारत की नई प्रगति का प्रतीक बनने जा रहा है।


