फर्जी कॉल के चक्कर में कहीं बैंक का जरूरी फोन तो नहीं काट रहे? TRAI का नियम बताएगा असली पहचान, बस ये नंबर सीरीज है खास

New Delhi: फोन की घंटी बजते ही अक्सर मन में सवाल उठता है – कहीं ये कोई फर्जी कॉल तो नहीं? स्पैम कॉल्स के बढ़ते खतरे के बीच कई बार बैंक के असली कॉल भी मिस हो जाते हैं। लेकिन अब ट्राई (TRAI) ने इस समस्या का स्थायी हल ढूंढ लिया है। दरअसल, अब बैंक और वित्तीय संस्थान सिर्फ एक खास नंबर सीरीज से ही ग्राहकों को फोन करेंगे। यह पहल फर्जी कॉल्स से बचाने और लोगों का भरोसा बढ़ाने के लिए की गई है। आइए जानते हैं कि वह खास नंबर कौन सा है और इससे कैसे पहचानें असली बैंक कॉल।

बैंक अब ‘1600’ सीरीज से ही करेंगे संपर्क

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने सभी बैंकों, बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के लिए अनिवार्य किया है कि वे अपनी कॉल्स के लिए ‘1600’ से शुरू होने वाली नंबर सीरीज का इस्तेमाल करें। इस नियम का मुख्य उद्देश्य स्पैम कॉल्स को कम करना और साइबर धोखाधड़ी से बचाव करना है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने यह सीरीज खासतौर पर BFSI (बैंकिंग, वित्त और बीमा) सेक्टर तथा सरकारी संस्थाओं को आवंटित की है। अब आप आसानी से पहचान सकेंगे कि कोई कॉल असली है या फर्जी।

15 मार्च से लागू हुआ नियम, पुराने नंबर बंद

TRAI ने इस नियम को लागू करने के लिए सभी संबंधित संस्थानों को समय सीमा भी दे दी थी। अब सेबी, RBI और PFRDA जैसे नियामकों के अंतर्गत आने वाली सभी संस्थाएं इस साल 15 मार्च के बाद से पूरी तरह ‘1600’ सीरीज में शिफ्ट हो चुकी हैं। इससे पहले ये संस्थाएं सामान्य 10 अंकों वाले नंबरों का इस्तेमाल करती थीं, जिससे फर्जी कॉल्स का खतरा अधिक रहता था। अब इस व्यवस्था से ग्राहकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

किन-किन बैंकों ने अपनाया यह नियम?

देश के बड़े बैंक अपने ग्राहकों को लगातार इस नियम के बारे में जागरूक कर रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने स्पष्ट किया है कि वह अपने ग्राहकों से लेनदेन संबंधी बातों के लिए ‘1600108333’ नंबर से ही संपर्क करता है। IDBI बैंक के अनुसार, 1600 से शुरू होने वाली कॉल्स को नज़रअंदाज न करें, क्योंकि ये उनकी सुरक्षा टीम ‘DOST’ की ओर से होती हैं। यूको बैंक ने भी कहा है कि वह केवल 1600 सीरीज के नंबरों से ही ग्राहकों से बात करेगा। एचडीएफसी बैंक का कहना है कि 1600 से शुरू कॉल को अनदेखा करना गलती हो सकती है, क्योंकि यह बैंक की जरूरी सर्विस या अकाउंट से जुड़ी कॉल होती है।

बैंक कभी नहीं मांगते OTP या पासवर्ड

हालांकि 1600 सीरीज से आने वाली कॉल्स पर भरोसा किया जा सकता है, फिर भी सुरक्षा के कुछ जरूरी नियमों को हमेशा याद रखना चाहिए। कोई भी असली बैंक कभी भी फोन पर आपसे OTP, PIN, पासवर्ड, CVV या पूरे कार्ड की जानकारी नहीं मांगता। अगर कॉल करने वाला ऐसी निजी जानकारी मांगता है, तो समझ जाइए कि वह धोखाधड़ी कर रहा है। अपनी बैंकिंग डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें और तुरंत संबंधित बैंक या साइबर सेल को इसकी सूचना दें।

कैसे करें फर्जी और असली कॉल में फर्क?

सबसे आसान तरीका है कि आने वाले नंबर के शुरुआती अंकों को देखें। अगर नंबर ‘1600’ से शुरू हो रहा है, तो यह संभवतः किसी बैंक, बीमा कंपनी या वित्तीय संस्था की ओर से आ रहा है। लेकिन अगर नंबर कोई अन्य सीरीज का है, तो सतर्क हो जाएं। इसके अलावा, कॉल के दौरान अगर आपसे कोई संवेदनशील जानकारी मांगी जाए, तो तुरंत कॉल काट दें। साथ ही, बैंक द्वारा जारी आधिकारिक ऐप या वेबसाइट के जरिए ही अपने अकाउंट से जुड़े अपडेट चेक करें। इन छोटी-छोटी सावधानियों से आप साइबर अपराधियों के जाल से बच सकते हैं।

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories