एक गुब्बारे ने ली जान! दिल्ली के तरुण हत्याकांड में पुलिस ने दाखिल की 500 पन्नों की चार्जशीट, 17 आरोपी रडार पर

Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुए चर्चित तरुण हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली पुलिस ने द्वारका कोर्ट में इस मामले से जुड़ी करीब 500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस ने चार्जशीट में हत्या की धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के कड़े प्रावधान भी जोड़े हैं। 4 मार्च 2026 को हुई इस हृदयविदारक घटना ने पूरी दिल्ली को झकझोर कर रख दिया था।

होली पर मामूली विवाद बना काल, 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा

द्वारका अदालत में पेश की गई इस चार्जशीट में कुल 17 आरोपियों को नामजद किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस समय दो आरोपी फरार चल रहे हैं, जिनकी तलाश में छापेमारी जारी है। मामले में शामिल दो नाबालिगों के केस की सुनवाई जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड द्वारा अलग से की जा रही है। जांच अधिकारियों ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट तैयार की है। यह मामला अब द्वारका जिला अदालत स्थित विशेष SC/ST कोर्ट के समक्ष कानूनी प्रक्रिया के लिए जाएगा।

गुब्बारा फेंकने से भड़की थी हिंसा की आग

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब एक नाबालिग लड़की ने कथित तौर पर एक महिला पर होली का गुब्बारा फेंक दिया। इसके बाद मामूली बहस ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। महिला के रिश्तेदारों ने लाठियों और डंडों से लैस होकर तरुण पर उसके घर के पास ही हमला बोल दिया। इस हमले में तरुण को गंभीर चोटें आई थीं। अस्पताल में इलाज के दौरान अगले ही दिन उसकी मौत हो गई। एक छोटी सी शरारत ने तरुण के परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया।

50 गवाहों के दर्ज हुए बयान, पहले से नहीं थी कोई रंजिश

दिल्ली पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई पुरानी रंजिश या दुश्मनी नहीं थी। पुलिस ने मामले की गहराई से पड़ताल करते हुए करीब 50 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। चार्जशीट में स्पष्ट किया गया है कि यह एक संगठित समूह द्वारा की गई हत्या है। SC/ST समुदाय के विरुद्ध होने वाले अपराधों से जुड़ी धाराएं लगने के बाद अब आरोपियों के लिए कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

बुलडोजर की कार्रवाई और अगली सुनवाई की तारीख तय

तरुण हत्याकांड के बाद प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया था। दिल्ली नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी की अवैध संपत्ति के हिस्से को ढहा दिया था। इस बीच, अदालत ने अब मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 मई की तारीख मुकर्रर की है। कोर्ट ने इस संबंध में जांच अधिकारी और शिकायतकर्ता दोनों को नोटिस जारी कर दिया है। तरुण के परिजन और स्थानीय लोग अब अदालत से आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।

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