Himachal News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को उद्योगों और विदेशी दौरों पर तीखी बहस हुई। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सदन में पिछले तीन सालों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने बताया कि राज्य में 2411 नए उद्योग लगे हैं। वहीं, 88 कारखाने इस दौरान बंद भी हुए हैं। इस सवाल-जवाब के बीच मंत्रियों और अधिकारियों के करोड़ों रुपये के विदेशी दौरे पर भी बड़ा खुलासा हुआ है।
जापान से वियतनाम तक दौरा, खर्च हुए 2 करोड़
उद्योग मंत्री ने विधायक बिक्रम सिंह के सवाल पर विदेशी दौरों का पूरा हिसाब दिया। उन्होंने बताया कि एमएसएमई के ‘रैम्प’ कार्यक्रम के तहत एक टीम विदेश गई थी। इस डेलिगेशन ने जापान, हांगकांग और वियतनाम का दौरा किया था। इस यात्रा पर कुल 2 करोड़ 4 लाख 22 हजार 830 रुपये का खर्च आया। मंत्री ने साफ किया कि यह पैसा हिमाचल सरकार का नहीं था। यह पूरा खर्च केंद्र सरकार की प्रायोजित योजना के तहत हुआ था।
निवेश लाना नहीं, विदेशी सिस्टम समझना था मकसद
सदन में मंत्री ने इस महंगे दौरे का असल मकसद स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह दौरा सीधे तौर पर निवेश खींचने के लिए नहीं था। इसका मुख्य उद्देश्य दूसरे देशों की औद्योगिक व्यवस्था और उनके अनुभवों को समझना था। इस सरकारी टीम का नेतृत्व खुद उद्योग मंत्री ने किया था। उनके साथ एसीएस उद्योग आरडी नजीम, निदेशक डॉ. यूनुस, तीन विधायक और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी विदेश गए थे।
शिमला में फेस्ट, 10 हजार करोड़ के एमओयू साइन
एमएसएमई के तहत हिमाचल प्रदेश को केंद्र से कुल 105 करोड़ रुपये मिले हैं। इसमें से एक्सपोजर विजिट के लिए 5 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। इसी कड़ी में शिमला के रिज मैदान पर एक बड़ा एमएसएमई फेस्ट आयोजित हुआ। इसका मकसद प्रदेश में निवेश का शानदार माहौल बनाना था। इस फेस्ट में 250 सीईओ का एक बड़ा सम्मेलन हुआ। इसमें 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौते (MoU) साइन किए गए।
गिनीज बुक में दर्ज हुआ नाम, पूर्व मंत्री पर तंज
शिमला में हुए फेस्ट ने एक वैश्विक रिकॉर्ड भी बनाया। प्रदर्शनी में 2500 हस्तनिर्मित शॉल प्रदर्शित किए गए, जिन्हें गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में जगह मिली है। इसके अलावा 2500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को सिंगल विंडो क्लीयरेंस मिल चुकी है। जवाब के अंत में उद्योग मंत्री ने एक राजनीतिक तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब भी कोई टीम विदेश जाएगी, तो उसमें पूर्व उद्योग मंत्री को भी साथ ले जाने की पूरी कोशिश होगी।


