लुप्त हो रही 16वीं सदी की इस रहस्यमयी कला को युवाओं ने किया जिंदा, डीसी ने किया ऐसा ऐलान कि झूम उठे कलाकार

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Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक प्राचीन और लुप्त हो रही चित्रकला फिर से जीवंत हो उठी है। अप्पर बिजनी में हिमक्राफ्ट द्वारा ‘मंडी कलम’ चित्रकला पर एक खास कार्यशाला का आयोजन हुआ। एक महीने तक चली इस कार्यशाला में युवाओं ने अपना शानदार हुनर दिखाया। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने समापन समारोह में इन सभी युवा कलाकारों को सम्मानित किया। उन्होंने चित्रकला की इस प्राचीन विरासत को घर-घर तक पहुंचाने के लिए एक बड़ा ऐलान भी किया है।

सैकड़ों साल पुरानी मंडी कलम कला का अद्भुत इतिहास

मंडी शहर हमेशा से अपनी पुरानी परंपराओं और संस्कृति को बचाने में आगे रहा है। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि मंडी कलम की सांस्कृतिक विरासत बेहद समृद्ध है। यह कला सदियों पुरानी है और इसका इतिहास बहुत गहरा है। 16वीं सदी से लेकर 19वीं सदी तक मंडी कलम लघु चित्रकला अपने सबसे सुनहरे दौर में थी। अब युवा पीढ़ी इस कला को एक बार फिर से नई पहचान दिला रही है।

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जल्द लगेगी युवा कलाकारों की शानदार प्रदर्शनी

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने युवा कलाकारों की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि एक महीने की कड़ी मेहनत के बाद बेहद खूबसूरत पेंटिंग्स तैयार हुई हैं। प्रशासन आम लोगों तक इस शानदार हुनर को पहुंचाने के लिए जल्द एक भव्य प्रदर्शनी लगाएगा। सरकार ललित कला और कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हिमक्राफ्ट का यह प्रयास मंडी कलम को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

युवाओं के कौशल विकास पर सरकार का खास फोकस

प्रशासन ने युवाओं के कौशल को निखारने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। उपायुक्त ने कहा कि सरकार विभिन्न स्तरों पर कलाकारों को पूरा प्रोत्साहन दे रही है। इस चित्रकला विधा के विस्तार की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। कला में गहरी रुचि रखने वाले युवाओं को निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। युवा पीढ़ी का यह अहम योगदान मंडी कलम कला को और भी ज्यादा खास बना देता है।

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