Bengaluru News: दक्षिण भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेता प्रकाश राज कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। बेंगलुरु की एक अदालत ने उनके खिलाफ फिर से गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला एक से अधिक राज्यों की मतदाता सूचियों में नाम दर्ज कराने के गंभीर आरोपों से जुड़ा है, जिससे अभिनेता की गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई है।
क्या है प्रकाश राज का पूरा मामला
विवाद की शुरुआत साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान हुई, जब प्रकाश राज ने बेंगलुरु केंद्रीय सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। बेंगलुरु के एक वकील ने याचिका दायर कर आरोप लगाया कि अभिनेता ने नियमों का उल्लंघन करते हुए तीन अलग-अलग राज्यों की चार विधानसभा सीटों की मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवाया है।
याचिका के अनुसार, प्रकाश राज का नाम कर्नाटक के बेंगलुरु, तमिलनाडु के चेन्नई और तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले की मतदाता सूची में पाया गया। भारतीय चुनाव आयोग के नियमों और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा के मुताबिक, कोई भी नागरिक देश में केवल एक ही स्थान पर मतदाता के रूप में अपना पंजीकरण रख सकता है।
अदालत में हाजिर न होने पर कार्रवाई
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अभिनेता को कई बार समन भेजे थे। फरवरी 2026 में पुलिस ने सूचित किया कि प्रकाश राज पते पर मौजूद नहीं हैं। अदालत में लगातार पेश न होने के कारण 17 मार्च और 17 अप्रैल को दो बार वारंट जारी किए गए। हाल ही में 12 जून को तीसरा वारंट जारी हुआ।
मामले की अगली सुनवाई अब 25 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है। अदालती कार्यवाही के बीच अभिनेता अपने अभिनय करियर में भी सक्रिय हैं। वह जल्द ही दृश्यम 3, वाराणसी और स्पिरिट जैसी बहुप्रतीक्षित फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। फैंस को अब इस पूरे मामले में कानूनी फैसले का इंतजार है, जो काफी अहम होगा।

