Mewat News: शहर के वार्ड 15 में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध गोमांस के धंधे का भंडाफोड़ हुआ है। एंटी सीएस स्टाफ की टीम ने रविवार को इस जगह पर अचानक दबिश दी। पुलिस ने मौके से तीन क्विंटल 78 किलोग्राम गोमांस, चार लाख चार हजार रुपये कैश और नोट गिनने की मशीन बरामद की है।
इसके अलावा पुलिस ने मौके से मांस काटने के औजार, कई बाइकें और इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी जब्त किया है। टीम ने मौके से सात आरोपियों को दबोचा है, जबकि कुल 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इतने बड़े अवैध धंधे में पुलिस संरक्षण की बात से इनकार नहीं किया जा सकता।
ऊंटों की मीट मंडी से अब गोमांस सप्लाई का गढ़ बना वार्ड-15
वार्ड-15 में कुछ लोगों द्वारा पिछले काफी वर्षों से ऊंटों की तस्करी की जा रही थी। वे ऊंटों का मीट मेवात के होटलों के साथ-साथ गुरुग्राम और दिल्ली जैसे महानगरों में सप्लाई करते थे। पुलिस ने पहले भी कार्रवाई कर जिंदा ऊंट बचाए थे। आरोपियों पर पहले से कई केस दर्ज हैं, लेकिन अब वे गोमांस बेचने लगे हैं।
एंटी सीएस स्टाफ के प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि पकड़े गए सात तस्करों से शुरुआती पूछताछ में बड़े खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने वार्ड-15 में बने एक गोदाम में कई बड़े डी-फ्रीज रखे हुए थे। इन्हीं में गोमांस को स्टोर करके रखा जाता था और यहीं से मेवात व दिल्ली-एनसीआर के होटलों में सप्लाई भेजी जाती थी।
सुबह से ही शुरू हो जाता था खेल, सिराज नाम का व्यक्ति है मास्टरमाइंड
पुलिस के अनुसार, सुबह होते ही यहां गोमांस बेचने का काम शुरू हो जाता था। काफी संख्या में लोग बाइकों से मांस खरीदकर गांवों में सप्लाई करने ले जाते थे। इसके अलावा ब्रेजा कार, ईको और पिकअप गाड़ियों के जरिए माल महानगरों में भेजा जाता था। इस धंधे से आरोपी मोटी कमाई कर रहे थे।
इस पूरे मामले का मुख्य मास्टरमाइंड सिराज पुत्र शमशू बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिराज की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकेगा। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह गोमांस कहां से लाया जाता था और इस सिंडिकेट में कौन-कौन से होटल्स शामिल हैं।

