Lucknow News: देश के सबसे बड़े ग्रामीण बैंक, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक (यूपीजीबी) ने अपनी शाखाओं के लिए एक नया और कड़ा आदेश जारी किया है। नए परिपत्र (सर्कुलर) के अनुसार, अब बैंक में ग्राहकों के लिए कोई तय भोजनावकाश (लंच ब्रेक) नहीं होगा। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक लगातार वित्तीय लेनदेन और अन्य बैंकिंग सेवाएं जारी रहेंगी।
निर्बाध ग्राहक सेवा के लिए प्रबंधन ने आंतरिक व्यवस्था बदलने के दिए निर्देश
बैंक के मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी नए आदेश का मुख्य उद्देश्य व्यावसायिक घंटों के दौरान ग्राहकों को बिना किसी रुकावट के सेवा देना है। प्रबंधन ने सभी शाखाओं को निर्देश दिया है कि वे अपने परिसर से दोपहर के भोजन के समय (लंच टाइम) को दर्शाने वाले सभी बोर्ड या सूचनाएं तुरंत हटा दें।
नकद काउंटर और ग्राहक सेवा खिड़की को हर समय चालू रखने के लिए शाखा प्रबंधकों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें निर्देश मिला है कि वे कर्मचारियों के लिए अलग-अलग समय पर भोजन की आंतरिक व्यवस्था करें। इस रोटेशन व्यवस्था से ग्राहकों को मिलने वाली सेवाओं पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा।
आदेश के विरोध में भड़के बैंक कर्मी, 28 जुलाई को संसद के सामने प्रदर्शन
नए नियमों के तहत बैंक का कार्य समय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक और नकद लेनदेन का समय शाम 4 बजे तक तय किया गया है। शाखाएं सोमवार से शनिवार (दूसरे और चौथे शनिवार को छोड़कर) खुली रहेंगी। इस नए समय पत्रक (टाइम टेबल) को लेकर ऑल इंडिया ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन ने गहरी नाराजगी जताई है।
एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव डीएन त्रिवेदी ने इस फैसले को मानवाधिकारों और श्रम नियमों के खिलाफ बताया है। इस आदेश के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ ग्रामीण बैंक यूनियंस के बैनर तले आगामी 28 जुलाई को दिल्ली में संसद के समक्ष एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
कड़ाई से नियम पालन के निर्देश और आखिरी ग्राहक तक काम करने की शर्त
सर्कुलर के मुताबिक, सभी कर्मचारियों को सुबह 10 बजे तक अनिवार्य रूप से अपनी सीट पर मौजूद रहना होगा। इसके साथ ही, कार्यदिवस समाप्त होने से पहले बैंक शाखा के भीतर आने वाले अंतिम ग्राहक का काम पूरा करने के बाद ही कोई कर्मचारी अपनी सीट छोड़ सकेगा। क्षेत्रीय कार्यालयों को इसकी कड़ी निगरानी करने को कहा गया है।
यह नई व्यवस्था बड़ौदा यूपी बैंक, आर्यावर्त बैंक और प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के आपस में विलय के बाद बने नए उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह एक आंतरिक प्रशासनिक निर्णय है, जिसका उद्देश्य केवल उपभोक्ता संतुष्टि को बढ़ाना है।

