Lucknow News: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर ‘इंडिया’ गठबंधन के भीतर सियासी घमासान तेज हो गया है। सूबे में अपना जनाधार बढ़ाने में जुटी कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी से सीटों के बंटवारे में बराबरी और सम्मानजनक हिस्सेदारी की मांग कर नया पेंच फंसा दिया है जिससे गठबंधन में दरार उभर आई है।
कांग्रेस के नवनियुक्त उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने साफ तौर पर कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी सम्मान के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। उन्होंने गठबंधन में 50-50 सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर जोर देते हुए कहा कि जब परिवार में भी बराबर का हक होता है, तो राजनीति में क्यों नहीं।
सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस की आक्रामक रणनीति
कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए क्षेत्रीय दलों की क्षमता पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि अब क्षेत्रीय पार्टियों में भारतीय जनता पार्टी से अकेले मुकाबला करने का दम नहीं बचा है और पूरे देश में केवल राहुल गांधी ही भाजपा के खिलाफ फ्रंट पर लड़ रहे हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस वर्तमान में उत्तर प्रदेश में जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुटी है। कांग्रेस का यह धीमा रुख और 50 प्रतिशत सीटों की बड़ी मांग समाजवादी पार्टी के नेतृत्व के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है, जिससे दोनों दलों में अविश्वास लगातार गहराता जा रहा है।
अखिलेश यादव ने कांग्रेस को दी ‘बड़ा दिल’ दिखाने की सलाह
दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने गठबंधन की बैठक में सीट शेयरिंग के पुराने अनुभवों का जिक्र किया है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से अपील की कि वे क्षेत्रीय दलों के प्रति बड़ा दिल दिखाएं और राज्यों में मजबूत क्षेत्रीय सहयोगियों के फैसलों व जमीनी अनुमानों पर पूरा भरोसा करें।
अखिलेश यादव का मानना है कि पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को अधिक सीटें देने के कारण कुछ क्षेत्रों में गठबंधन को नुकसान उठाना पड़ा था। वह चाहते हैं कि बिहार और बंगाल के हालिया घटनाक्रमों से सबक लेकर यूपी में सीटों का तालमेल जल्द फाइनल हो, ताकि बीजेपी के खिलाफ समय रहते मजबूत प्रचार अभियान शुरू किया जा सके।

