New Delhi News: केंद्र सरकार ने आम जनता के फंसे हुए पैसों को वापस दिलाने के लिए एक बेहद क्रांतिकारी कदम उठाया है. वित्त मंत्रालय ने एक खास एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है. इस नए सिस्टम की मदद से देश का कोई भी नागरिक सालों से पड़े लावारिस धन का आसानी से पता लगा सकता है.
अक्सर लोग अलग-अलग बैंकों या पुरानी बीमा पॉलिसियों में पैसा निवेश करके भूल जाते हैं. कई बार शेयर और म्यूचुअल फंड का डिविडेंड भी बिना दावे के पड़ा रहता है. अब वित्तीय सेवा विभाग ने इस बड़ी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए ‘कॉमन लैंडिंग पोर्टल फॉर अनक्लेम्ड फाइनेंशियल एसेट्स’ की शुरुआत कर दी है.
अब एक ही एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलेगी पूरी जानकारी
पहले के समय में लोगों को लावारिस पैसों की खोज के लिए बहुत परेशान होना पड़ता था. ग्राहकों को विभिन्न सरकारी दफ्तरों और अलग-अलग वित्तीय संस्थानों की वेबसाइटों के चक्कर काटने पड़ते थे. सरकार ने इस नई एकीकृत व्यवस्था से जटिल और थकाऊ प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और बेहद सरल बना दिया है.
यह नया पोर्टल एक शक्तिशाली यूनिफाइड प्लेटफॉर्म के रूप में सक्रियता से काम करेगा. यहां नागरिक बैंकिंग, फिक्स्ड डिपॉजिट और इंश्योरेंस क्लेम की स्थिति देख सकेंगे. इसके साथ ही वे शेयर बाजार के लाभांश और म्यूचुअल फंड के पैसों से जुड़ी हर जानकारी भी एक ही जगह पर ऑनलाइन हासिल कर पाएंगे.
सार्वजनिक क्षेत्र के 12 बड़े बैंकों का मिला मजबूत साथ
इस आधुनिक और जन-केंद्रित पोर्टल को पब्लिक सेक्टर बैंक अलायंस (PSBA) के विशेष तकनीकी सहयोग से तैयार किया गया है. यह अलायंस देश के सभी 12 बड़े सरकारी बैंकों का एक मजबूत केंद्रीय संगठन है. इस गठबंधन की मदद से वित्तीय डेटा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया गया है.
सरकारी रिफाइनरियों और डिजिटल तंत्र को आपस में जोड़कर देश के हर वर्ग तक इसका लाभ पहुंचाने की योजना है. सरकार ने इस पोर्टल के जरिए यह सुनिश्चित किया है कि आम जनता को लावारिस जमा-पूंजी खोजने में किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधाओं का सामना न करना पड़े.
सिस्टम में फंसे पुराने पैसे को वापस पाना हुआ आसान
इस ऐतिहासिक पोर्टल के आधिकारिक लॉन्च के मौके पर वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने इसके दूरगामी फायदों के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन को सुगम बनाना और उन्हें उनके वित्तीय अधिकार वापस दिलाना है.
जब बिखरी हुई सर्च सुविधाएं एक ही छत के नीचे आ जाती हैं, तो आम लोगों का कीमती समय और ऊर्जा बचती है. अब कोई भी व्यक्ति बिना किसी एजेंट या झंझट के पोर्टल पर जाकर यह आसानी से चेक कर सकता है कि वित्तीय प्रणाली में उसका कोई लावारिस फंड सुरक्षित है या नहीं.
Author: Rajesh Kumar

