Varanasi News: भारतीय रेलवे ने स्पष्ट किया है कि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों को यात्रियों के टिकट जांचने या बिना टिकट यात्रा करने पर जुर्माना लगाने का कोई अधिकार नहीं है। वाराणसी मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधक ने इस संबंध में पत्र जारी कर स्थिति साफ की है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसी अफवाहें फैल रही थीं कि आरपीएफ को टिकट जांचने और जुर्माना वसूलने का अधिकार मिल गया है। रेलवे ने इन खबरों का पूरी तरह खंडन करते हुए कहा है कि रेलवे बोर्ड की ओर से ऐसा कोई भी नया आदेश जारी नहीं किया गया है।
जन विश्वास अधिनियम के तहत भी नहीं मिले अधिकार
रेलवे के आधिकारिक पत्र में साफ किया गया है कि जिस जन विश्वास अधिनियम का हवाला देकर आरपीएफ के टिकट जांचने की बातें कही जा रही हैं, वह पूरी तरह गलत हैं। इस कानून के तहत भी रेलवे बोर्ड ने आरपीएफ को ऐसा कोई अधिकार नहीं दिया है।
टिकट जांच एसोसिएशन के महासचिव रितेश विशाल ने आरोप लगाया था कि नए कानून की आड़ में आरपीएफ मनमाने तरीके से टिकटों की जांच कर रही है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि अगर आरपीएफ कर्मी टिकट मांगते हैं, तो इसकी शिकायत तुरंत स्टेशन के यात्री मित्र कार्यालय में दर्ज कराएं।
आरपीएफ सिर्फ करेगी मदद, आईआरसीटीसी बदलेगा वेबसाइट
रेलवे बोर्ड के मुताबिक, आरपीएफ केवल वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों को टिकट चेकिंग अभियान में सुरक्षा और सहायता प्रदान कर सकती है। हालांकि, आरपीएफ के इंस्पेक्टर (एएसआई से ऊपर) परिसर में गंदगी फैलाने, अवैध वेंडिंग और धूम्रपान करने जैसी गतिविधियों पर सीधे जुर्माना लगा सकेंगे।
दूसरी तरफ, आईआरसीटीसी (IRCTC) अपने टिकट बुकिंग सिस्टम को और आसान बनाने के लिए जल्द ही नया बीटा वर्जन लॉन्च करने जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को बार-बार कैप्चा कोड डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा क्यूआर कोड और ओटीपी आधारित कई नई सुविधाएं भी शुरू होंगी।

