हरियाणा में खेती का बदलेगा स्वरूप: धान-गेहूं छोड़ बागवानी अपनाने पर मिलेंगे 8000 रुपये, सरकार देगी बड़ी सब्सिडी

Chandigarh News: हरियाणा सरकार प्रदेश के कृषि क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की बड़ी तैयारी कर रही है। पारंपरिक धान और गेहूं की खेती के चक्र से किसानों को बाहर निकालने के लिए नई नीतियां लागू होंगी। सरकार का मुख्य ध्यान अब बागवानी, प्राकृतिक खेती और फसलों के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने पर है।

- Advertisement -

किन्नू और अमरूद के लिए स्थापित होंगे चार नए एक्सीलेंस सेंटर

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि सिरसा के किन्नू को जीआई टैग मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए राज्य में किन्नू, लीची, स्ट्रॉबेरी और अमरूद के चार नए एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। यहां किसानों को आधुनिक वैज्ञानिक प्रशिक्षण और उन्नत किस्म के पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।

सरकार फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए सीधे आर्थिक मदद भी दे रही है। धान की पारंपरिक खेती छोड़कर वैकल्पिक फसलें अपनाने वाले किसानों को सरकार की तरफ से 8,000 रुपये प्रति एकड़ की बड़ी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, पराली प्रबंधन अपनाने पर 500 रुपये प्रति एकड़ की सहायता राशि भी मिलेगी।

प्राकृतिक खेती के लिए गाय खरीदने पर मिलेगी 30,000 की सब्सिडी

प्रदेश में प्राकृतिक खेती का दायरा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की मदद से एक विशेष बजट तैयार किया गया है। इसके तहत राज्य की करीब दो हजार एकड़ भूमि को प्राकृतिक कृषि के अंतर्गत लाया जाएगा। इस योजना में किसानों को पंचायती और कृषि भूमि पूरे 10 वर्ष की लंबी लीज पर मुहैया कराई जाएगी।

- Advertisement -

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार एक एकड़ की खेती पर गाय खरीदने के लिए 30,000 रुपये तक की सब्सिडी देगी। इसके साथ ही मोरनी ब्लॉक में एक विशेष मॉडल लागू किया गया है, जहां निजी कंपनियां किसानों की जैविक उपज सीधे खरीदेंगी। इसमें किसानों को बाजार मूल्य से 10 प्रतिशत तक अधिक दाम मिलेगा।

गन्नौर में बनकर तैयार हो रही एशिया की सबसे बड़ी आधुनिक मंडी

कृषि क्षेत्र में प्रोसेसिंग गतिविधियों को तेज करने के लिए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को कोल्ड चेन बनाने के लिए 80 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी दी जा रही है। वहीं दूसरी ओर, सोनीपत के गन्नौर में एशिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय फल एवं सब्जी मंडी का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

इस आधुनिक अंतरराष्ट्रीय मंडी के शुरू होने से किसानों को देश-विदेश का एक बड़ा बाजार मिलेगा। मंडी परिसर के अंदर किसानों के लिए पूरी तरह आधुनिक एसी शेड, बड़े कोल्ड स्टोरेज और अत्याधुनिक विपणन सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य तकनीक और बेहतर बाजार के जरिए किसानों की आमदनी को दोगुना करना है।

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles