बिजली संकट से मिलेगी मुक्ति: जिले के लिए 213 करोड़ के बिजनेस प्लान को हरी झंडी, लगेंगे 4 नए पावर हाउस

Uttar Pradesh News: जिले की चरमराती विद्युत व्यवस्था को सुधारने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार ‘बिजनेस प्लान 2026-27’ को अगले एक सप्ताह के भीतर अंतिम मंजूरी मिलने वाली है। शासन स्तर से इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मई के प्रथम सप्ताह में योजना को स्वीकृति मिलते ही धरातल पर काम शुरू कर दिया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिना किसी कटौती के निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

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213 करोड़ की लागत से होंगे 1772 विकास कार्य

विद्युत विभाग ने जिले के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 213.44 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इस बजट के माध्यम से कुल 1772 अलग-अलग कार्य कराए जाएंगे। इसमें मुख्य रूप से जर्जर लाइनों को बदलना, नई लाइनों का निर्माण और ओवरलोड हो चुके ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाना शामिल है। इस बड़े निवेश से न केवल शहरी इलाकों बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी वोल्टेज की समस्या का स्थाई समाधान होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

चार नए बिजली घरों से संतुलित होगा पावर लोड

जिले में बढ़ते बिजली के लोड को देखते हुए इस बिजनेस प्लान के तहत चार नए विद्युत उपकेंद्र (पावर हाउस) स्थापित किए जाएंगे। नए बिजली घरों के निर्माण से पुराने उपकेंद्रों पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम होगा। इसके साथ ही, विभाग ने 337 वितरण ट्रांसफार्मरों और 18 बड़े पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने का प्रावधान किया है। क्षमता वृद्धि होने के बाद गर्मियों के दौरान होने वाली अघोषित कटौती और ट्रिपिंग की समस्या से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल सकेगी।

तीन जोनों में बंटा काम, गुणवत्ता पर रहेगा जोर

बिजनेस प्लान के तहत कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिले को तीन जोनों में विभाजित किया गया है। जोन प्रथम में 51.56 करोड़ रुपये से 308 कार्य होंगे, जबकि जोन द्वितीय में 78.23 करोड़ रुपये की लागत से 741 कार्य किए जाएंगे। सबसे अधिक 723 कार्य जोन तृतीय में होंगे, जिस पर 83.63 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन सभी जोनों में 33 और 11 केवी लाइनों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आपूर्ति की गुणवत्ता बेहतर हो।

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निर्बाध आपूर्ति के लिए शासन का सख्त रुख

शासन स्तर से टेंडर जारी करने के आदेश मिलने के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि नए बिजली घरों के निर्माण और लाइनों के विस्तार से लो-वोल्टेज की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय से भी विद्युत सुधार कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। जैसे ही बिजनेस प्लान 2026-27 को अंतिम मंजूरी मिलेगी, संबंधित फर्मों को कार्य आवंटित कर दिए जाएंगे ताकि मानसून से पहले महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का काम पूरा किया जा सके।

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