Kanpur News: छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी के 41वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्र-छात्राओं को डिग्रियां और मेडल प्रदान किए। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान को देश सेवा में पूरी तरह समर्पित करें। उच्च शिक्षा के साथ युवाओं को कोई न कोई हुनर भी जरूर सीखना चाहिए।
डिजिटल हस्ताक्षर से डिजिलॉकर पर जारी हुईं डिग्रियां
यूनिवर्सिटी के वीरांगना लक्ष्मीबाई ऑडिटोरियम में आयोजित इस भव्य समारोह में 1.07 लाख से अधिक स्टूडेंट्स को डिग्रियां जारी की गईं। राज्यपाल ने डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से छात्र-छात्राओं की मार्कशीट सीधे डिजिलॉकर पर अपलोड कीं। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉप-25 मेधावियों को अपने हाथों से मेडल देकर सम्मानित किया।
यूनिवर्सिटी केवल संस्थान नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशालाएं हैं
कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान केवल डिग्री बांटने के केंद्र नहीं हैं। ये वास्तव में राष्ट्र निर्माण की मुख्य प्रयोगशालाएं हैं। उन्होंने पिछले पांच वर्षों में यूनिवर्सिटी में एडमिशन के ग्राफ में हुई 131.7 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने का मंत्र दिया।
विदेशी संस्थानों में शिक्षा लें लेकिन देश सेवा के लिए लौटें
मुख्य अतिथि और एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि असली शिक्षा व्यक्ति के चरित्र में झलकती है। उन्होंने युवाओं से केवल दर्शक बनने के बजाय लीडर बनने का आह्वान किया। प्रो. सिंह ने कहा कि विदेशों में अनुभव हासिल करने के बाद युवा भारत लौटकर विकसित भारत-2047 के सपने को साकार करें।
मेडल पाने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं का रहा जबरदस्त दबदबा
इस दीक्षांत समारोह की सबसे खास बात यह रही कि मेडल सूची में छात्राओं ने बाजी मारी। कुल 96 मेडल पाने वाले 51 छात्र-छात्राओं में 42 गर्ल्स और केवल 9 बॉयज शामिल रहे। इसके अलावा पीएचडी की उपाधि पाने वाले 92 रिसर्चर्स में भी 50 छात्राएं और 42 छात्र शामिल रहे।
मुफ्त सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन और जल संरक्षण की अनूठी पहल
समारोह के दौरान किशोरियों के लिए निःशुल्क सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई। छात्र-छात्राओं ने जल संरक्षण पर एक भावुक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी, जिसे राज्यपाल ने काफी सराहा। इसके साथ ही आतंकवाद के खिलाफ देश की नारी शक्ति के पराक्रम को दर्शाने वाले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाटक का मंचन भी किया गया।
