दस साल पुराने हत्या मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई

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Uttar Pradesh News: एक दशक पुराने हत्या के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र पाल सिंह ने तीन हत्यारोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 21-21 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 10 साल पहले युवक की हत्या कर शव को पेड़ पर लटका दिया गया था।

मामला साल 2016 का है, जब गांव धनी नगला निवासी शीलेंद्र का शव खेत में आम के पेड़ पर प्लास्टिक की रस्सी से लटका मिला था। युवक के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था, जिससे साफ था कि उसकी हत्या की गई थी। पीड़ित परिवार ने लखन के घर मोबाइल लेने गए शीलेंद्र की हत्या की आशंका जताई थी।

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विवाद के बाद दी थी जान से मारने की धमकी

घटना से एक दिन पहले 10 मार्च 2016 को शीलेंद्र का लखन के घर पर कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था। उस समय आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया और विवेचना पूरी करके कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद न्याय मिला है।

न्यायालय में रामविलास, छत्रपाल और झब्बलू उर्फ दिलीप कुमार के विरुद्ध हत्या का मुकदमा चला। अभियोजन पक्ष के वकीलों ने साक्ष्यों और गवाहों के माध्यम से अपना पक्ष मजबूती से रखा। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन किया। बहस सुनने के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया है।

साजिश रचकर की गई थी युवक की हत्या

दोषियों ने साजिश के तहत शीलेंद्र की हत्या की थी और आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों ने आरोपियों के गुनाह पर मुहर लगा दी। कोर्ट का यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश देता है कि कानून से कोई भी मुजरिम बच नहीं सकता है।

सजा सुनाए जाने के बाद तीनों दोषियों को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया है। मृतक के परिजनों ने न्याय मिलने पर राहत की सांस ली है। इस मामले ने पूरे इलाके को उस समय झकझोर कर रख दिया था। पीड़ित परिवार 10 सालों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहा था, जिसे आज कोर्ट ने पूरा कर दिया है।

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