Ranchi News: झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के स्टेडियम में मंगलवार को जेपीएल-20 फाइनल मुकाबले के दौरान अफरातफरी मच गई। प्रवेश द्वारों पर अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई, जिसमें कम से कम आठ क्रिकेट प्रेमी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल दर्शकों को तुरंत शहर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
स्टेडियम प्रबंधन की अव्यवस्था के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हजारों दर्शकों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था। पहले नार्थ गेट से प्रवेश दिया जा रहा था, लेकिन अचानक प्रशासन ने इसे बदलकर साउथ गेट कर दिया। इस बदलाव के चलते गेट पर मौजूद दर्शक बेकाबू हो गए और धक्का-मुक्की शुरू हुई।
अव्यवस्था के कारण टूटे स्टेडियम के गेट
भीड़ के दबाव के कारण स्टेडियम के वेस्ट गेट को भी लोगों ने तोड़ दिया। भगदड़ में बच्चे, महिलाएं और युवा बुरी तरह चोटिल हो गए। स्टेडियम के बाहर चप्पल और जूते बिखरे पड़े थे, जो घटना की भयावहता को दर्शा रहे थे। आक्रोशित दर्शकों ने स्टेडियम प्रशासन की लापरवाही पर जमकर नारेबाजी की और व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
स्टेडियम में प्रवेश के लिए चार गेट होने के बावजूद केवल एक गेट खोला गया था। दर्शकों का आरोप है कि भीड़ को व्यवस्थित करने का कोई प्रभावी इंतजाम नहीं किया गया था। इस दौरान धक्का-मुक्की होने से कई लोग जमीन पर गिर गए। गंभीर रूप से घायल एक युवती के पेट में चोट है, जिसकी निगरानी अस्पताल में की जा रही है।
अस्पतालों में भर्ती हुए घायल क्रिकेट प्रेमी
रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही कई एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। राज अस्पताल में पांच, सदर अस्पताल में दो और पारस अस्पताल में एक घायल का इलाज चल रहा है। कई अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।
बड़े खेल आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक प्रशासन पर सवाल खड़े करती है। खेल प्रेमियों का कहना है कि उन्हें मैच का रोमांच देखने की भारी कीमत चुकानी पड़ी। अब स्थानीय प्रशासन और स्टेडियम प्रबंधन पर इस लापरवाही के लिए कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा है। जांच रिपोर्ट के बाद ही सुरक्षा इंतजामों की पोल पूरी तरह खुलेगी।

