Himachal News: हिमाचल प्रदेश में परिवहन निगम के पहिये जल्द ही पूरी तरह थम सकते हैं। अपनी लंबित वित्तीय मांगों को लेकर हिमाचल प्रदेश रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन यानी एचआरटीसी के ड्राइवर और कंडक्टर यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को आक्रोशित यूनियन सदस्यों ने जिला मुख्यालय ऊना में विशाल धरना प्रदर्शन किया।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनियन ने सरकार को सीधी चेतावनी दी है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर उनकी उचित मांगें स्वीकार नहीं की गईं, तो पूरे राज्य में सभी सरकारी बसों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
मांगें पूरी न होने पर २५ तारीख से चक्का जाम
ड्राइवर यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष मान सिंह ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि इस महीने की २४ तारीख तक यदि हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो २५ तारीख से बसों के पहिये पूरी तरह थम जाएंगे। उन्होंने तंज कसा कि सरकार के पास १२ हजार कर्मचारियों को देने के लिए ७० करोड़ रुपये नहीं हैं।
कर्मचारियों का आरोप है कि निगम प्रबंधन उन्हें समय पर सैलरी, पेंशन, ओवरटाइम भत्ता और मेडिकल बिल का भुगतान नहीं कर रहा है। एचआरटीसी कर्मियों के साथ लगातार सौतेला व्यवहार हो रहा है। इस प्रशासनिक उदासीनता के कारण प्रदेश भर के परिवहन कर्मचारियों में सरकार के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है।
इस राज्यस्तरीय विरोध प्रदर्शन में ड्राइवर यूनियन के प्रधान मान सिंह और कंडक्टर यूनियन के प्रधान महेंद्र प्रमुख रूप से शामिल हुए। उनके साथ संगठन मंत्री प्रमोद ठाकुर, प्रांतीय कंडक्टर यूनियन की नेत्री रीना देवी, सुमन कुमारी सहित सैकड़ों अन्य सक्रिय सदस्य भी इस दौरान विशेष रूप से उपस्थित रहे।
Reported By: Sunita Gupta

