फुटबॉल वर्ल्ड कप से पहले कप्तान हैरी केन का बड़ा खुलासा, ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ को लेकर जताई चिंता

Sports News: स्टार स्ट्राइकर हैरी केन लगातार तीसरे फुटबॉल विश्व कप में इंग्लैंड की कप्तानी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मेगा टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले कप्तान केन अपनी टीम और मुख्य कोच थॉमस ट्यूशेल से बेहद बड़ी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। वह टीम के हालिया प्रदर्शन से संतुष्ट हैं।

विश्व कप पर अपना दावा ठोकने से पहले हैरी केन ग्रुप चरण में मिलने वाली कड़ी चुनौतियों से निपटना चाहते हैं। टूर्नामेंट से पहले इंग्लैंड की महत्वाकांक्षाओं और टीम से जुड़ी उम्मीदों पर हैरी केन ने एक विशेष बातचीत की। पेश हैं इस खास इंटरव्यू के प्रमुख अंश:

कप्तान के तौर पर तीसरा विश्व कप और खिताबी उम्मीदें

हैरी केन ने कहा कि विश्व कप में तीसरी बार अपने देश का नेतृत्व करना उनके लिए बेहद गर्व की बात है। उन्होंने बचपन में सिर्फ खेलने का सपना देखा था, कप्तान बनने का कभी नहीं सोचा था। पिछले तीनों बार टीम ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन वे खिताब जीतने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाए।

इस बार भी टीम की महत्वाकांक्षा बिल्कुल वही है। हालांकि, यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि टीम सफर में कहां तक जाएगी, लेकिन खिलाड़ियों में इच्छाशक्ति की कोई कमी नहीं है। इंग्लैंड हमेशा मैदान पर सिर्फ जीतने के इरादे से ही उतरता है और इस बार भी यही कोशिश रहेगी।

48 टीमों का फॉर्मेट और सेमीफाइनल की पुरानी यादें

इस बार विश्व कप में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। केन के अनुसार, विजेता को नॉकआउट में एक अतिरिक्त मैच खेलना होगा, जिससे मुश्किल थोड़ी बढ़ जाएगी। हालांकि, टूर्नामेंट में ज्यादा देशों का होना एक अच्छी बात है। सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए दुनिया की सबसे मजबूत टीमों को हराना ही होगा।

साल 2018 में इंग्लैंड सेमीफाइनल में क्रोएशिया से अतिरिक्त समय में हार गया था, जो काफी दिल तोड़ने वाला था। लेकिन टीम ने अपनी गलतियों से बहुत कुछ सीखा है। इसके बाद इंग्लैंड की टीम साल 2021 और 2024 के यूरो कप के फाइनल तक पहुंचने में कामयाब रही थी।

फ्रांस के खिलाफ पेनाल्टी चूकने का वो दर्दनाक पल

2022 विश्व कप में फ्रांस के खिलाफ पेनाल्टी चूकने पर केन ने कहा कि वह उनके करियर का सबसे निचला स्तर था। क्वार्टर फाइनल में टीम 1-2 से पीछे थी और वह मौका चूक गए। हालांकि, इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से और ज्यादा मजबूत बनाने का काम किया।

इसके बाद उन्होंने अपनी पेनाल्टी लेने की तकनीक में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए। इसका सकारात्मक असर यह हुआ कि उन्होंने अगली 30 से अधिक पेनाल्टी में एक भी मिस नहीं की। उन्होंने अपने क्लब और देश के लिए लगातार बेहतरीन पेनाल्टी शूट करना जारी रखा है।

नए कोच थॉमस ट्यूशेल और ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ की चुनौती

इंग्लैंड के पास इस बार थॉमस ट्यूशेल के रूप में नए मुख्य कोच हैं। केन और ट्यूशेल बायर्न म्यूनिख क्लब में भी साथ काम कर चुके हैं। केन के अनुसार, कोच के साथ उनकी आपसी समझ बेहद कमाल की है। ट्यूशेल को अच्छी तरह पता है कि खिलाड़ियों का मैदान पर सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल कैसे करना है।

इंग्लैंड की टीम इस बार क्रोएशिया, घाना और पनामा के साथ ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ में शामिल है। टीम अपना पहला मैच मजबूत क्रोएशिया के खिलाफ खेलेगी। घाना और पनामा जैसी टीमें भी बड़ा उलटफेर करने में सक्षम हैं। इसलिए टीम अभी आगे की सोचने के बजाय मैच दर मैच रणनीति पर ध्यान दे रही है।

Author: Prem Sharma

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