शिमला के प्रतिबंधित माल रोड पर यूके थीम का विदेशी ऑटो-रिक्शा लेकर पहुंचे तीन टूरिस्ट्स, पुलिस ने काटा भारी चालान

Shimla News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ऐतिहासिक और पूरी तरह प्रतिबंधित माल रोड पर शनिवार को एक बेहद अनोखा मामला सामने आया। यहां सुरक्षा नियमों को तोड़कर एक विदेशी थीम पर सजा हुआ तीन पहिया ऑटो-रिक्शा अचानक पहुंच गया।

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इस डिजाइनर ऑटो-रिक्शा के अंदर तीन विदेशी नागरिक सवार थे, जो आराम से सैर कर रहे थे। माल रोड पर इस व्हीकल के आने की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस तुरंत एक्शन में आई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर गाड़ी को जांच के लिए रोक लिया।

केरल के रजिस्ट्रेशन नंबर पर दौड़ रहा था ऑटो

मिली जानकारी के मुताबिक, यह ऑटो-रिक्शा शेरे पंजाब ढाबे की ओर से मॉल रोड के नो-वाहन जोन में दाखिल हुआ था। इस गाड़ी पर केरल राज्य का ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन नंबर केएल 07डी ई2685 लिखा हुआ था, जिसे मॉडिफाई किया गया था।

इस ऑटो को यूनाइटेड किंगडम यानी यूके के नेशनल फ्लैग यूनियन जैक की खास डिजाइन से बहुत ही अट्रैक्टिव लुक दिया गया था। इसके ऊपरी हिस्से पर कलरफुल प्रेयर फ्लैग्स लगाए गए थे और छत पर एक फनी कार्टून टॉय भी रखा था।

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इस गाड़ी का बिल्कुल अलग और फैंसी लुक होने की वजह से वहां घूम रहे राहगीरों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। ट्रैफिक पुलिस ने ड्राइवर से गाड़ी के डॉक्यूमेंट्स और बाकी जरूरी लीगल फॉर्मेलिटीज की गहनता से ऑन-स्पॉट जांच शुरू की।

लापरवाह ऑटो ड्राइवर पर लगा तगड़ा जुर्माना

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि यह कॉमर्शियल वाहन तय नियमों के अनुसार चलाया जा रहा था या नहीं।

दूसरी तरफ, पूरी तरह से प्रतिबंधित वीआईपी मार्ग पर लापरवाही से ऑटो लेकर आने पर ड्राइवर को भारी हर्जाना भुगतना पड़ा है। शिमला पुलिस ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के जुर्म में चालक का 3,000 रुपये का चालान काटा है।

इस घटना के बाद शहर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। शिमला के नो-व्हीकल जोन माल रोड पर गाड़ियों के अवैध रूप से प्रवेश करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गया है।

शिमला पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

करंट ईयर में पहले भी ऐसे कई मामले आ चुके हैं, जहां गाड़ियां माल रोड तक पहुंच गईं। हालांकि पुलिस बाद में सीसीटीवी फुटेज देखकर नियमों के तहत चालान काटती है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इन्हें एंट्री पॉइंट पर ही क्यों नहीं रोका जाता।

लोकल रेजिडेंट्स का कहना है कि अगर एंट्री गेट पर ही बैरिकेड्स और पुलिस गार्ड्स मुस्तैद रहें, तो ऐसी चूक कभी नहीं होगी। इस लापरवाही से वीआईपी रोड पर टहलने वाले पैदल यात्रियों की सेफ्टी को लेकर जनता में काफी नाराजगी देखी जा रही है।

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